कुंवरगढ़ महोत्सव में छत्तीसगढ़ी कला और संस्कृति की रंगीन छटा
रायपुर: कुंवरगढ़ महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी लोक कला, संगीत, और हास्य का शानदार समागम देखने को मिला। इस महोत्सव ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और लोक धरोहर को मान्यता देते हुए क्षेत्रवासियों का दिल जीत लिया। विभिन्न कलाकारों की प्रस्तुतियों ने महोत्सव स्थल को तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजायमान कर दिया, और दर्शकों ने जमकर इन प्रदर्शनों का आनंद लिया।
प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों ने किया दीवाना
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा की ऊर्जावान प्रस्तुति से हुई। उनके लोकप्रिय गीतों ने दर्शकों में न केवल उत्साह का संचार किया, बल्कि महोत्सव में एक नई ऊर्जा भर दी। इसके बाद लोक गायिका गरिमा दिवाकर ने अपनी भक्ति और लोक संगीत की अद्भुत प्रस्तुति से माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
उभरती कलाकार चम्पा निषाद ने भी अपनी मधुर आवाज़ से श्रोताओं का दिल छू लिया। उनके गीतों ने एक ओर छत्तीसगढ़ी लोक संगीत की सादगी और मिठास को सामने रखा।
हास्य कलाकार पप्पू चंद्राकर का जलवा
सांस्कृतिक संध्या में हास्य कलाकार पप्पू चंद्राकर ने अपनी हास्य प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। उन्होंने जीवन के विभिन्न पहलुओं और आम ज़िन्दगी से जुड़े प्रसंगों को हास्य और व्यंग्य के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक हंसी से लोट-पोट हो गए। उनका संवाद और मिमिक्री दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया और कार्यक्रम में रौनक बढ़ गई।
आने वाले कार्यक्रमों के लिए उत्साह
महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। इस दिन की प्रस्तुतियों का विशेष रूप से इंतजार किया जा रहा है, जिसमें अनुराग शर्मा, छाया चंद्राकर, कंचन जोशी, शैलेश साव, और रेखा जलक्षत्ररी जैसे ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इन कलाकारों की प्रस्तुतियों को लेकर क्षेत्रवासियों में गहरी उत्सुकता और खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
कुंवरगढ़ महोत्सव का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
कुंवरगढ़ महोत्सव न केवल छत्तीसगढ़ी लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि यह आयोजन क्षेत्र की परंपराओं को भी पुनः जीवित कर रहा है। इससे न केवल कलाकारों को अपने हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है, बल्कि आम लोग भी अपनी संस्कृति से जुड़ रहे हैं और इसे संरक्षित करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
इस कार्यक्रम में राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा, और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। यह महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान देने के साथ-साथ विकास और एकता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।

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