April 20, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर कोपलवाणी स्कूल के बच्चों के साथ विशेष पहल, राज्यपाल ने ई-रिक्शा प्रदान किया

रायपुर, विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस के अवसर पर, कोपलवाणी स्कूल के बच्चों ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया जब वे अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल श्री रमेन डेका से शिष्टाचार भेंट की। यह अवसर बच्चों और समाज के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण था, क्योंकि यह दिन ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक अवसर था।

राज्यपाल से आत्मीय भेंट

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस विशेष दिन पर बच्चों, उनके अभिभावकों और कोपलवाणी संस्था के शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों की क्षमताओं और चुनौतियों को नज़दीक से समझने का प्रयास किया और उनके समर्पण की सराहना की। इस दौरान, राज्यपाल ने बच्चों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और समर्थन को प्रदर्शित किया, जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों के चेहरे पर खुशी और गर्व की भावना झलकी।

नीले गुब्बारे और संदेश

कार्यक्रम के दौरान, सभी बच्चों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों ने मिलकर नीले रंग के गुब्बारे आकाश में छोड़े, जो ऑटिज़्म के प्रतीक के रूप में कार्य करते हैं। यह एक सामूहिक प्रयास था, जिसका उद्देश्य समाज में हर बच्चे को समान अवसर, समझ और स्वीकार्यता प्रदान करने का संदेश देना था। यह पहल ऑटिज़्म के प्रति समाज की सोच को सकारात्मक दिशा में मोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

ई-रिक्शा का उपहार

इस विशेष अवसर पर, राज्यपाल ने कोपलवाणी स्कूल के बच्चों के आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संस्था को एक ई-रिक्शा प्रदान किया। राज्यपाल ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे बच्चों को उनके स्कूल और अन्य स्थानों तक आसानी से पहुँचने में मदद मिलेगी। यह पहल न केवल बच्चों की जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

अभिभावकों और शिक्षकों का गर्व

कोपलवाणी स्कूल की निदेशक श्रीमती पद्मा शर्मा ने बताया कि यह पहला अवसर था जब विशेष बच्चे लोक भवन पहुंचे। अभिभावकों ने भी इसे गर्व का विषय बताया कि उनके बच्चे राज्यपाल से भेंट कर रहे हैं और इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सही मार्गदर्शन, विशेष शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के संवेदनशील लोगों के सहयोग से ये बच्चे निश्चित ही जीवन में उत्कृष्ट मुकाम हासिल करेंगे।

समाज में बदलाव की आवश्यकता

यह कार्यक्रम एक और महत्वपूर्ण संदेश देता है कि समाज में हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए, और ऑटिज़्म से प्रभावित बच्चों के प्रति हमारी सोच में बदलाव लाना चाहिए। कोपलवाणी स्कूल और राज्यपाल की पहल से यह साबित होता है कि जब समाज और सरकार मिलकर कार्य करते हैं, तो हम किसी भी विकलांगता को पार कर सकते हैं और हर व्यक्ति को बराबरी का दर्जा दे सकते हैं।