नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव में कमी के संकेतों के बीच, वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इन बदलावों के बाद, निवेशकों को इन कमोडिटी बाजारों से क्या उम्मीदें हो सकती हैं, आइए जानते हैं।
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी
सोने की कीमतों में हालिया उछाल देखा गया है। स्पॉट गोल्ड करीब 2.39 प्रतिशत बढ़कर 4,619.14 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं, जून डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 2 प्रतिशत बढ़कर 4,649.26 डॉलर पर ट्रेड कर रहे थे।
इसके साथ ही चांदी की कीमतों में भी तेज बढ़त दर्ज की गई:
स्पॉट सिल्वर: 4.82 प्रतिशत बढ़कर 73.48 डॉलर प्रति औंस
कॉमेक्स सिल्वर: 4.44 प्रतिशत बढ़कर 73.705 डॉलर प्रति औंस
घरेलू बाजार पर असर
घरेलू बाजार में, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोमवार को सोने का जून वायदा 0.15 प्रतिशत गिरकर 1,47,450 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी का मई वायदा मामूली बढ़त के साथ 2,29,033 रुपए प्रति किलो पर बंद हुआ।
सोने की कीमतों पर दबाव
हालांकि, इस महीने सोने की कीमतों में 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट हो चुकी है, जो अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट हो सकती है। इसके बावजूद, तिमाही आधार पर कीमतें अब भी करीब 5 प्रतिशत ऊपर हैं।
सोने पर दबाव का कारण यह है कि ऊर्जा कीमतों में तेजी के कारण अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, सोने की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा है।
अमेरिका-ईरान स्थिति और तेल कीमतें
बाजार में सुधार उस वक्त देखा गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में खबर आई कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई खत्म करने के संकेत दे रहे हैं। इससे वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की भावना बढ़ सकती है। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से नहीं खुला है, लेकिन अमेरिका फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने की योजना बना सकता है, जिससे तेल के बाजार में दबाव बना।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड करीब 2.37 प्रतिशत गिरकर 104.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 2 प्रतिशत गिरकर 100.83 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।
भारतीय शेयर बाजार और गिफ्ट निफ्टी
महावीर जयंती के कारण भारतीय शेयर बाजार बंद हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने से निवेशकों के मनोबल में राहत मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा, जो भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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