April 23, 2026

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“काशी में यूपी-एमपी सहयोग सम्मेलन 2026: उद्योग, पर्यटन और शिल्प में नया इको सिस्टम बनेगा, मोहन यादव की मौजूदगी में होगा ऐतिहासिक मंथन”


वाराणसी, काशी – उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने के लिए “UP-MP Collaboration Summit 2026” आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के प्रमुख मंत्रीगण मौजूद रहेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच उद्योग, निवेश, शिल्प, ओडीओपी, और पर्यटन क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करना है।

सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्य और आयोजन:

  1. औद्योगिक और व्यापारिक सहयोग:
    • दोनों राज्य अपने औद्योगिक क्षमताओं, बाजार संभावनाओं और निवेश अवसरों को साझा करेंगे।
    • ओडीओपी (One District One Product) और जीआई टैग उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इससे दोनों राज्यों के उत्पादों की पहचान बढ़ेगी और उद्यमियों के बीच संवाद को बढ़ावा मिलेगा।
  2. पर्यटन क्षेत्र में सहयोग:
    • काशी, उज्जैन, और चित्रकूट को जोड़ते हुए संयुक्त धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने पर मंथन किया जाएगा।
    • इस सर्किट से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।
  3. शिल्प कार्यशाला और गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर:
    • मध्य प्रदेश के चंदेरी, महेश्वरी और बनारसी सिल्क के कारीगरों के साथ एक साझा शिल्प कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
    • गंगा-नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर की अवधारणा पर चर्चा होगी, जो दोनों राज्यों के पारंपरिक शिल्प को एक नया बाजार और पहचान देगा।

स्मरणीय कार्यक्रम और नाटक:

  • सम्मेलन के बाद, डॉ. मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण करेंगे।
  • उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारी के तहत, भीड़ नियंत्रण तकनीक का भी अवलोकन किया जाएगा।

इसके अलावा, सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जिसमें भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों को जीवित किया जाएगा। 175 कलाकारों का समूह इस नाटक में अपनी कला का प्रदर्शन करेगा। इस नाटक में अत्याधुनिक ग्राफिक्स और विशेष प्रभाव का प्रयोग किया जाएगा, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।

वैदिक घड़ी की अवधारणा:

  • स्मारक के रूप में वैदिक घड़ी का आयोजन भी होगा, जिसे पहले उज्जैन में स्थापित किया गया था। अब इसे काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा। यह घड़ी डिजिटल माध्यम से समय और पंचांग की जानकारी विभिन्न भाषाओं में देगी।

आने वाले दिन:

यह सम्मेलन औद्योगिक सहयोग, पर्यटन और शिल्प के क्षेत्र में दोनों राज्यों को एक मजबूत और सशक्त साझेदारी की ओर अग्रसर करेगा। साथ ही, यह प्रदेशों के बीच सामरिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को भी प्रगाढ़ करेगा।