मध्य प्रदेश – मुख्यमंत्री मोहन यादव अक्सर अपनी राजनीतिक गतिविधियों और नीतियों के कारण सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन उनके जन्मदिन के मौके पर उनके जीवन के कुछ अन्य पहलू भी सामने आते हैं जो उनके व्यक्तित्व को और भी दिलचस्प बनाते हैं। मोहन यादव न केवल एक कुशल राजनेता हैं, बल्कि एक योगी, योद्धा और महाकाल के भक्त भी हैं। उनके सार्वजनिक जीवन के कुछ अनदेखे पहलुओं को जानने से उनकी एक अलग ही तस्वीर सामने आती है।
पारंपरिक मार्शल आर्ट में दक्ष
मोहन यादव का एक और खास पहलू है उनका मार्शल आर्ट में कौशल। वे अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपनी लाठी-लड़ाई की तकनीकों का प्रदर्शन करते हैं, जो उन्हें एक पारंपरिक योद्धा के रूप में प्रस्तुत करता है। उज्जैन में रंग पंचमी ‘गैर’ जुलूस के दौरान उन्होंने पारंपरिक हथियारों के साथ करतब दिखाए, और पूरे आत्मविश्वास के साथ मार्शल आर्ट शैली के दांव-पेच दिखाए। सैकड़ों लोग उन्हें देखकर उनकी हिम्मत और कौशल का उत्साह बढ़ा रहे थे।
इसके अलावा, चित्रकूट की यात्रा के दौरान भी उन्होंने लाठी-लड़ाई की पारंपरिक तकनीकों का प्रदर्शन किया। यह न केवल उनके शारीरिक कौशल को दिखाता है, बल्कि यह उनकी संस्कृति और परंपराओं से गहरी जुड़ी हुई समझ को भी उजागर करता है।
योगी की भूमिका में भी
मुख्यमंत्री मोहन यादव का योग से भी गहरा नाता है। वे समय-समय पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में योग का प्रचार-प्रसार करते हुए नजर आते हैं। उनका यह पहलू भी दर्शाता है कि वे शारीरिक और मानसिक संतुलन को बनाए रखने के लिए योग के महत्व को समझते हैं और उसे अपनी जिंदगी का हिस्सा मानते हैं।
महाकाल के भक्त
मोहन यादव को महाकाल के भक्त के रूप में भी जाना जाता है। उज्जैन में शिप्रा नदी में तैराकी करते हुए उनकी एक तस्वीर भी वायरल हुई थी, जहां उन्होंने पवित्र डुबकी लगाई और शिप्रा नदी में तैरते हुए भी नजर आए। यह एक धार्मिक यात्रा का हिस्सा था, जिसमें वे महाकाल के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए श्रद्धा से तैराकी कर रहे थे।
उनका यह धार्मिक रुझान उनके जीवन में स्थिरता और एकाग्रता का प्रतीक है, और यह उन्हें एक लोकप्रिय नेता और व्यक्ति बनाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
मुख्यमंत्री के इन अनोखे हुनरों को दिखाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल होते रहते हैं। कभी वे लाठी-लड़ाई करते हैं, तो कभी योग के आसन करते हुए नजर आते हैं। इन वीडियो ने न केवल उनके राजनीतिक व्यक्तित्व, बल्कि उनके शारीरिक कौशल और धार्मिक श्रद्धा को भी व्यापक रूप से जनता के बीच प्रस्तुत किया है।

More Stories
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: अमेरिका ने ईरानी नौकाओं पर किया हमला, तेल परिवहन पर खतरा बढ़ा
सुदूर पूर्व और दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों में अब ‘राष्ट्रवादी राजनीति’ मुख्यधारा का हिस्सा बनी : लता उसेण्डी
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा एवं एनडीए की ऐतिहासिक जीत ‘नए भारत’ के संकल्प की विजय : किरण देव