रायगढ़। वीबी जी राम जी योजना ने मनरेगा के पुराने अधूरे कामों को सतह पर ला दिया है। समीक्षा में जैसे-तैसे इन पर उठे सवालों को टाल दिया जाता था। लेकिन अब जल्द से जल्द पुराने कामों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए जिले के 80 तकनीकी सहायकों को शोकाज नोटिस दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सबसे बड़ा माध्यम बनी मनरेगा योजना अब बंद होने जा रही है। इसकी जगह ज्यादा दिनों का रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार ने वीबी जी राम जी योजना लागू की है। अब तक पूरी राशि केंद्र देता था लेकिन अब 60 प्रश ही देगा। बाकी 40 प्रश राज्य को देना पड़ेगा। ऐसे ही कई बदलावों के साथ जी राम जी योजना लागू होगी।
राज्य सरकार ने नई योजना प्रारंभ होने के पूर्व पुराने कामों को जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया है। कई काम रोजगार सहायक और तकनीकी सहायकों की लापरवाही के कारण अधूरे पड़े हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के कारण भी भुगतान होल्ड कर दिया गया। कई कामों में घटिया निर्माण या गबन के कारण रिकवरी की जानी है। अब वीबी जी राम जी योजना लागू होने के पहले सभी पुराने कामों को पूरा करने की चुनौती है। इसके लिए पिछले एक महीने में करीब 80 तकनीकी सहायकों को शोकाज नोटिस दिया गया है। लंबित कामों को पूरा करने के लिए पूरा जिम्मा टीए पर डाला गया है।
सालों से प्रभारी के भरोसे चल रही योजना
मनरेगा योजना के कामों की मंजूरी देने वाले जिला शाखा में सबकुछ असंतुलित चल रहा है। प्रभारी के भरोसे चलने वाले मनरेगा में लोकपाल तक की नियुक्ति नहीं की गई है। इसका असर कामों पर पड़ता है। अब सरकार ने वीबी जी राम जी के हिसाब से सेट अप में भी बदलाव किए हैं। अब योजना का प्रभार वरिष्ठ स्तर के एपीओ को दिया जाना है। जो प्रतिनियुक्ति या संविदा पर हो सकता है।

More Stories
MP Cabinet: 38,555 करोड़ रुपये के विकास पैकेज के साथ व्यापारी कल्याण बोर्ड का ऐतिहासिक निर्णय
रेत के अवैध परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 6 हाइवा और 3 ट्रैक्टर जब्त
गौरेला में सागौन की अवैध कटाई पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 500 से अधिक बल्लियां जब्त