August 26, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

इंदौर में शासकीय डॉक्टरों की कारगुजारी: निजी अस्पताल भेजने पर एक निलंबित, दूसरे का 15 दिन का वेतन काटा

इंदौर। शासकीय अस्पतालों से लाखों रुपये वेतन लेने के बाद भी यहां के डॉक्टर अपनी जेब भरने में ही व्यस्त रहते हैं। प्रदेश का सबसे बड़ा शासकीय अस्पताल एमवायएच हमेशा से मरीजों को निजी अस्पताल में भेजने के लिए चर्चा में रहा है। एक बार फिर निजी अस्पताल में मरीज को भेजने का मामला सामने आया है। मामले में एक डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है। इसी प्रकार ड्यूटी के समय घर पर आराम कर रही महिला सीनियर डॉक्टर को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है।

दरअसल, कुछ दिनों पहले अस्पताल में रात के समय रतलाम से न्यूरोसर्जरी विभाग में एक मरीज इलाज के लिए आया। रातभर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसका इलाज करने के बजाय जमीन पर रखा। इसके बाद उससे कहा कि आयुष्मान कार्ड है तो इंडेक्स अस्पताल में इलाज करवाओ और उसे भेज दिया। मामले में मरीज द्वारा लिखित शिकायत के बाद जांच की गई। जांच में सामने आया कि विभाग में एमसीएच के विद्यार्थी द्वारा मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। इसके एवज में उसे निजी अस्पताल की ओर से राशि भी मिलती है। मामले में जांच के बाद डॉक्टर का 15 दिन का वेतन काटा गया है।