मुंबई। शुक्रवार का दिन भारतीय निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी जंग का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर पूरी तरह हावी हो चुका है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में जबरदस्त बिकवाली हुई, जिससे निवेशकों की करीब 10 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति चंद घंटों में स्वाहा हो गई।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल बेहाल
बाजार में मची इस अफरा-तफरी का अंदाजा आप इंडेक्स की गिरावट से लगा सकते हैं। सेंसेक्स (Sensex): 1,470.50 अंक की भारी गिरावट के साथ 74,563 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी (Nifty 50) 488.05 अंक टूटकर 23,151.10 के स्तर पर आकर सिमट गया।
क्यों हो रही है बाजार में चौतरफा बिकवाली?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई गंभीर कारण हैं। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ता सैन्य तनाव वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता पैदा कर रहा है। युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गई हैं, जो भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए सीधा खतरा है। विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे इंडेक्स पर भारी दबाव है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अपने निचले स्तरों के करीब है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से जारी इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। केवल आज के सत्र में BSE लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये घट गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। फिलहाल, छोटे निवेशकों को बाजार के इस ‘वोलेटाइल’ (अस्थिर) दौर में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है।

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