April 17, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं का ग्राम सचिवों ने किया बंटाधार, ceo ने नोटिस के बाद रोका वेतन!

CEO के समर्थन में जनपद पंचायत के अधिकारियों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम ऑफिस में सौपा ज्ञापन!

मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ सचिव संघ हुआ लामबंद!

सरायपाली- महासमुंद/दि बीबीसी लाइव/नारायण सान :

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी फ्लैगशिप योजनाओं में लापरवाही बरते वाले पंचायत सचिवों पर बड़ी करवाही की गई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का स्वयं फीडबैक लेने के लिए हर विधानसभा में आमजन से सीधा संवाद कर जानकारी ले रहे हैं। इसी तारतम्य में कल शनिवार 11बजे प्रदेश के सभी गोठनो में मुख्यमंत्री लाइव आकार संवाद करने की खबर है!

आपको बता दें की सरायपाली जनपद क्षेत्रों में भारी लापरवाही देखने को मिल रही है जैसे गौठान निर्माण अपूर्ण, स्वच्छ भारत मिशन के तहत् सार्वजनिक शौचालय अपूर्ण, गोबर खरीदी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं करना, अधूरे निर्माण कार्य, कागजों में भवन, बगैर gst bill राशि आहरण, शासकीय राशि का दुरुपयोग, शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार जैसे अनेकों मुद्दों के कारण ही सरायपाली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओकांरेश्वर सिंह द्वारा 37 ग्राम सचिवों का वेतन रोकने की बड़ी कार्यवाही की है।

THE BBC LIVE 🎥 की पड़ताल और RTI से प्राप्त जानकारी से पता चलता है की ग्राम सचिवों को जनपद से नोटिस जारी किया गया था और साथ ही स्मरण पत्र भी दिया गया बावजूद इसके समय सीमा में कार्य आज दिनांक तक नहीं किया गया!
ज्ञात हो की जनपद क्षेत्र के 04ग्राम सचिवों के विरुद्ध स्थानीय थाने में FIR भी पंजीबद्ध है!

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं में कोताही बरतने और समय सीमा पर कार्य नहीं किए जाने पर आगे भी पंचायत सचिवों पर कार्यवाही जारी रहेगी।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा की गई कार्यवाही के विरोध में सचिव संघ ने कलेक्टर को लिखित आवेदन कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सरायपाली से हटाने की मांग की है।

ज्ञात हो की सरायपाली जनपद पंचायत के विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थानीय व्यक्ति/निवासी ही सचिव के पद पर काफी लंबे समय से एक ही पंचायत पर पदस्थ हैं और बिना मुख्यालय में रहे अपनी मनमानी कर रहे हैं!

छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना है लेकिन सरायपाली विकास खंड में दो चार गौठानों को छोड़कर लगभग सभी गौठान अव्यवस्थित है! न समय पर गोबर खरीदी हो रही है और ना ही वर्मी कमपोस्ट खाद बन रही है!
ऐसे में आमजन को शासन की योजनाओं का लाभ कैसे मिलेगा?

कह सकते हैं की यह सरायपाली क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का उदासीन रवैया है जिसके चलते विभिन्न ग्राम पंचायत के लोग शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से आज भी वंचित है!

इस संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओंकार सिंह ने कहा कि नियमानुसार कार्य प्रगति ना होने के कारण लापरवाह सचिवों का वेतन रोका गया है।
आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी।
यदि शासन की योजनाओं को समय सीमा में पूर्ण करना है तो ऐसे कठोर कदम उठाने ही होंगे।

अधिकारी ने आगे कहा की दुर्व्यवहार की बात गलत है अगर मैने ऐसा किया होता तो जनपद के दर्जनों अधिकारी कर्मचारी भी कुछ मेरे खिलाफ कहते मगर ऐसा नही है।
यदि शासकीय कार्यों में प्रगति नहीं होगी तो शासन की मंशा अनुरूप और भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी!