चक्रधरपुर । चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय में शुक्रवार को मॉक ड्रिल के दौरान गोईलकेरा टाटा स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बे दुर्घटनाग्रस्त होने का परिदृश्य तैयार किया गया। इस घटना में 5 यात्रियों की मौत और 22 अन्य घायल होने का अभ्यास किया गया।
सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर अचानक हूटर बजने से रेल यार्ड में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में डीआरएम तरुण हुरिया, एडीआरएम विनय कुजुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत-बचाव के लिए एनडीआरएफ रांची, सिविल डिफेंस चक्रधरपुर और टाटानगर, स्काउट्स एंड गाइड और रेलवे मेडिकल टीम सक्रिय हो गई।
मॉक ड्रिल में दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के एसी और स्लीपर डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ने का परिदृश्य बनाया गया। एसी कोच में 10 और स्लीपर कोच में 12 लोग घायल हुए। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को खिड़कियों से सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों का रेलवे अस्पताल में तुरंत इलाज शुरू किया गया। महिला यात्री गंभीर रूप से घायल पाई गई। अस्पताल में आपातकालीन हेल्प डेस्क, पर्याप्त बेड और चिकित्सक तैनात किए गए।
इस मॉक ड्रिल में लगभग 500 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। मुख्य रूप से डीआरएम तरुण हुरिया, एडीआरएम विनय कुजुर, सीनियर डीएमई राजीव रंजन रसिक, रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी, सिविल डिफेंस और एनडीआरएफ रांची के अधिकारी उपस्थित थे।
डिब्बों में कुल 130 लोग यात्रा कर रहे थे। एसी डिब्बे में 64 में से 62 और स्लीपर डिब्बे में 72 में से 68 यात्री सवार थे। मृतकों में एसी कोच के 2, स्लीपर कोच के 2 और अन्य स्लीपर कोच में 1 यात्री शामिल था।
एसएडीटी विभाग द्वारा इस मॉक ड्रिल को पूरे देशभर में लाइव टेलीकास्ट किया गया। डीआरएम तरुण हुरिया ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों ने अपनी सतर्कता और तत्परता दिखाई और समय पर पहुंचकर मॉक ड्रिल सफल बनाया।

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