बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने बिलासपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपए के घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले में 7 जुलाई 2025 को कलेक्टर कार्यालय से CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) को जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक न तो जांच शुरू हुई है और न ही किसी समिति का गठन किया गया है।
इस तरह किया गया घोटाला
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का आरोप है कि सरकारी फोर्स कंपनी की नई एंबुलेंस की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि इसकी कोई जरूरत नहीं थी। इसके अलावा, 2021-22 से 2023-24 तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नाम पर मिले 25 से 30 करोड़ रुपये के खर्चों की भी पारदर्शी जांच नहीं की गई।
संघ ने इस पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर कार्यालय से की थी। इसके बाद 7 जुलाई को संयुक्त कलेक्टर द्वारा सीएमएचओ को निर्देश दिया गया कि वे इन सभी बिंदुओं की जांच कर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। लेकिन संघ का आरोप है कि सीएमएचओ ने न सिर्फ आदेश की अनदेखी की, बल्कि वे इस मामले से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को संरक्षण भी दे रहे हैं।
अब संघ ने एक बार फिर से मांग की है कि सीएमएचओ को हटाकर कलेक्टर कार्यालय से ही स्वतंत्र जांच समिति बनाई जाए, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।

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