August 30, 2026

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साइबर ठगी का बड़ा मामला: बस्तर में 5.5 करोड़ की ठगी, पुलिस ने जामताड़ा से एक गिरोह को किया गिरफ्तार

बस्तर| छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में साइबर ठगों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो मोबाइल, सोशल मीडिया और फर्जी ऐप्स के जरिए आम जनता के अकाउंट्स खाली करने में लगा हुआ है. बीते एक साल में जिले में 4500 से अधिक साइबर ठगी के केस दर्ज किए गए हैं. अब तक ठगों ने 5.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम लोगों से ठगी है. पुलिस ने सायबर ठगी करने वाले एक गिरोह को जामताड़ा से गिरफ्तार किया है.

बस्तर पुलिस ने कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 1 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई है और कई पीड़ितों को उनकी रकम वापस भी दिलवाई गई है. पुलिस का कहना है कि जैसे ही शिकायत मिलती है, तकनीकी टीम तुरंत ट्रांजेक्शन को ट्रैक कर कार्रवाई शुरू कर देती है.

अंतरराज्यीय गिरोह चला रहे साइबर फ्रॉड

बस्तर पुलिस के अनुसार, यह गिरोह केवल स्थानीय नहीं, बल्कि गुजरात, झारखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी ऑपरेट कर रहे हैं. कई अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. हाल ही में झारखंड के जामताड़ा से एक गिरोह को पकड़ा गया, जो एक फर्जी APK ऐप के जरिए लोगों के मोबाइल एक्सेस कर बैंक खाते खाली कर रहा था.

साइबर सुरक्षा के लिए चल रहे जागरूकता अभियान

बस्तर एसपी सलभ सिन्हा ने जानकारी दी कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामीण क्षेत्रों और बाजारों में लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां दी जा रही हैं, ताकि वे किसी भी फर्जी कॉल, लिंक या ऐप के झांसे में न आएं.

पूरे संभाग में 50 करोड़ तक की ठगी की आशंका

यह आंकड़ा सिर्फ बस्तर जिले का है. यदि पूरे बस्तर संभाग की बात की जाए, तो साइबर ठगी का आंकड़ा 40 से 50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इससे साफ है कि ठगों के हौसले बुलंद हैं और उनके तरीके हर दिन नए होते जा रहे हैं. आम जनता की तकनीकी समझ की कमी इस ठगी को और आसान बना रही है.

क्या करें, कैसे बचें?

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि कोई भी संदिग्ध कॉल, अनजान लिंक, ऐप या बैंक डिटेल मांगने वाली जानकारी को नजरअंदाज करें और तुरंत नजदीकी साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं. सतर्कता और जागरूकता ही इन ठगों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है.