June 12, 2026

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ओल्ड पेंशन स्कीम बनेगी 2024 से पहले बड़ा मुद्दा

क्या 2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली का हो सकता है? फिलहाल जैसा सियासी माहौल देश में दिख रहा है, उसमें तो कुछ ऐसा ही लगता है। राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में कांग्रेस की सरकार ने पुरानी पेंशन को बहाल कर दिया है। इसके अलावा गुजरात में आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रचार में ऐलान किया ही है कि सरकार बनी तो पुरानी पेंशन स्कीम लाएंगे। पंजाब में भगवंत मान पहले ही इस पर फैसला ले चुके हैं। यही नहीं कांग्रेस ने इसे हिमाचल प्रदेश के चुनाव में जोर-शोर से मुद्दा बनाया। यहां तक कि पुरानी पेंशन स्कीम का मुद्दा हिमाचल चुनाव की धुरी ही बनता दिखा है। 

हालात यह रहे कि हिमाचल में भाजपा पर दबाव बना रहा कि वह भी पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली की बात करे। हालांकि भाजपा ने इसके बरक्स महिलाओं के लिए आरक्षण का राग छेड़ दिया। फिर भी माना जा रहा है कि हिमाचल में एक बड़े वर्ग ने पुरानी पेंशन स्कीम के मुद्दे पर ही मतदान किया है। ऐसे में हिमाचल चुनाव को लेकर धुकधुकी बढ़ी हुई है। भाजपा और कांग्रेस के फिफ्टी-फिफ्टी चांस बताए जा रहे हैं। कांग्रेस को फिफ्टी-फिफ्टी चांस तक लाने में इस मुद्दे का ही रोल माना जा रहा है। यहां तक कि खुद सीएम जयराम ठाकुर ने भी मान लिया कि फाइट टाइट है।

यदि हिमाचल प्रदेश का नतीजा कांग्रेस के पक्ष में जाता है या फिर वह करीबी मुकाबले में पिछड़ती है तो सीधे तौर पर यही माना जाएगा कि उसे पेंशन स्कीम के नाम पर वोट मिला है। साफ है कि हिमाचल के नतीजों से यदि कांग्रेस को मजबूती मिलती है तो फिर पुरानी पेंशन स्कीम का मुद्दा कुछ और राज्यों और धीरे-धीरे लोकसभा चुनाव 2024 में भी गूंज सकता है। यही नहीं इस पर भाजपा पर भी कुछ ऐलान करने का दबाव बन सकता है, जो अब तक इस पर कुछ भी सीधे तौर पर कहने से बचती रही है।