April 20, 2026

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लंबे समय तक स्क्रीन देखने वालों के लिए 20-20-20 का नियम है जरूरी

प्रैजेंट टाइम में स्क्रीन के बगैर शायद ही कोई काम हो। ऑफिस के ज्यादातर काम कम्प्यूटर पर होते हैं तो वहीं स्कूल से लेकर सोशल गैदरिंग के लिए भी स्क्रीन जरूरी हो गया है। ऐसे में आंखों को किस तरह से खराब होने से बचाया जाए। इस बारे में डॉक्टर्स अक्सर खास तरह के नियम को फॉलो करने की सलाह देते हैं। जिसके जरिए आखों में होने वाली थकान, दर्द और ड्राईनेस जैसी समस्या से बचा जा सकता है। जानें क्या है 20-20-20 का नियम, जिसे 15-18 घंटे स्क्रीन पर काम करने वाले भी फॉलो करके आंखों को बीमार होने से बचा सकते हैं।

20-20-20 के फार्मूला में हर 20 मिनट के बाद अपने मोबाइल, कम्प्यूटर, लैपटॉप की स्क्रीन को बंद करके करीब 20 सेकेंड तक 20 फीट की दूरी पर देखें। 20 फीट की दूरी पर देखने का मतलब है कि आप खिड़की, दरवाजे से दूर किसी पेड़, बिल्डिंग जैसी किसी दूर की चीज को देखने को प्रयास करें। अगर आप किसी छोटे स्पेस में काम करते हैं तो इस नियम को फॉलो करने के लिए बाहर निकल जाएं। जिससे कि आंखों को रेस्ट मिलें।
20 सेकेंड क्यों हैं जरूरी?

आंखों को लगातार स्क्रीन देखने की वजह से जो थकान महसूस होती है उससे राहत पाने में कम से कम 20 सेकेंड का समय लगता है। इसके साथ ही आंखों को रेस्ट देने के साथ पानी पीना भी जरूरी है। जिससे शरीर में हाइड्रेशन बना रहे और ये हाइड्रेशन आंखों के लिए जरूरी है।
क्या कहती है रिसर्च

20-20-20 रूल्स के बारे में अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑफथैलेमेलोजी कहती है कि डिजिटल डिवाइस की वजह से जरूरी नहीं कि आई साइट खराब हो लेकिन इससे आंखों पर दबाव पड़ता है। जिससे कई सारे लक्षण दिखते हैं। आंखें आमतौर पर हर एक मिनट में 15 बार पलकर झपकाती हैं लेकिन जब स्क्रीन पर देखती हैं तो ब्लिंक करने यानी पलक झपकने का टाइम लगभग आधा या एक तिहाई रह जाता है। जिसकी वजह से आई में ड्राईनेस, इरिटेशन और थकान होती है। स्क्रीन पर देखने की वजह से पड़ने वाले दबाव को ही कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम कहते हैं। इससे बचने के लिए ये रूल्स जरूर फॉलो करें।
कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम के लक्षण

आंखों पर स्क्रीन की वजह से पड़ने वाले दबाव की वजह से आखों में थकान, जलन,खुजली महसूस होना प्रमुख लक्षण हैं। वहीं इसके साथ ही

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