April 18, 2026

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2029 का लोकसभा चुनाव महिला केंद्रित होगा, भाजपा कांग्रेस का ‘नारी विरोधी’ चेहरा उजागर करेगी”


मध्य प्रदेश: वर्ष 2028-29 के चुनावों में भाजपा ने यह तय किया है कि चुनाव पूरी तरह से महिला केंद्रित होंगे। भाजपा कांग्रेस के महिला विरोधी रुख को उजागर करने के लिए घर-घर जाकर प्रचार करेगी और इसे चुनावी मुद्दा बनाएगी। पार्टी का उद्देश्य है कि आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं का वोट बैंक पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में हो।

कांग्रेस का नारी विरोधी रुख:
हाल ही में, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संशोधन विधेयकों के खिलाफ मतदान किया। भाजपा ने इस कदम को महिला सशक्तीकरण के खिलाफ एक बड़ा कदम मानते हुए कांग्रेस को ‘नारी विरोधी’ करार दिया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने जानबूझकर महिला आरक्षण को संसद में पारित नहीं होने दिया, और इसका खामियाजा पार्टी को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा।

भाजपा का चुनावी रणनीति:
भाजपा ने अब इस मुद्दे को अपनी चुनावी रणनीति का हिस्सा बना लिया है। मध्य प्रदेश में भाजपा महिला मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए ‘कांग्रेस का नारी विरोधी चेहरा’ उजागर करेगी। पार्टी ने इस मुद्दे पर कड़ी मुहिम चलाने का निर्णय लिया है और इसको लोकसभा चुनाव 2029 का अहम मुद्दा बनाने का पूरा प्रयास करेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार किया था, और इसके लागू होने से दक्षिणी राज्यों में किसी को भी नुकसान नहीं होगा। फिर भी, कांग्रेस ने इस विधेयक को पारित होने से रोक दिया। भाजपा अब इसी बयान को आधार बनाकर महिलाओं के बीच कांग्रेस की निंदा करेगी।

मध्य प्रदेश में महिला वोटर्स का महत्व:
मध्य प्रदेश में महिला मतदाता हमेशा से एक निर्णायक भूमिका निभाती रही हैं। 2003 में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जब भाजपा ने उमा भारती को उम्मीदवार बनाया था, तब महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया था। इसके बाद, भाजपा ने कई महिला कल्याण योजनाओं की शुरुआत की, जैसे लाड़ली बेटी, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, और जननी सुरक्षा योजना, जिनसे महिला वोटर्स का समर्थन हासिल हुआ।

भाजपा की महिला केंद्रित योजनाएं:
भाजपा ने 2008 और 2013 के चुनावों में महिलाओं के लिए अपने कल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रमुख मुद्दा बनाया। इस दौरान, महिलाओं के बीच भाजपा की लोकप्रियता में वृद्धि हुई थी और मतदान प्रतिशत में भी भारी उछाल देखने को मिला था। 2018 में भले ही भाजपा हारी, लेकिन 2023 में लाड़ली बहना योजना के जरिए पार्टी ने फिर से महिलाओं को आकर्षित किया।

आगे की रणनीति:
अब भाजपा 2029 के चुनाव में महिला आरक्षण को एक प्रमुख मुद्दा बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पार्टी का दावा है कि वह महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने के लिए काम कर रही है, जबकि कांग्रेस इसके रास्ते में बाधा डाल रही है। भाजपा के कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को समझाएंगे कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक को रोककर उनके अधिकारों का उल्लंघन किया है।