नई दिल्ली. निमोनिया आपके फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। ये आमतौर पर एक वायरल या जीवाणु संक्रमण के कारण होता है जो फेफड़ों में एक इंफ्लामेटरी प्रतिक्रिया का कारण बनता है। ये आपके फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है जिससे सांस लेने में समस्या हो सकती है। आज विश्व निमोनिया दिवस (12 नवंबर, 2022) है। इस खास दिन पर जानिए कि किन चीजों को डायट में शामिल करके, निमोनिया से फटाफट ठीक हो सकते हैं।
निमोनिया संक्रमण के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए अपनी डायट में कुछ बेहतरीन खाने की चीजों को शामिल करें। ये चीजें फेफड़ों के हेल्थ रखरखाव में मदद करते हैं और सांस की नली में संक्रमण के विकास को रोकते हैं। ये आपकी इम्यूनिटी बढ़ाकर संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
निमोनिया में फटाफट रिकवरी के लिए क्या खाएंशहद
कई परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए शहद काफी अच्छा है। सर्दी-खांसी से छुटकारा पाने वाले नुस्खों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। निमोनिया के मुख्य लक्षण सर्दी और खांसी से बचाव के लिए इसे खाएं।
हल्दी
कई तरह की समस्याओं में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। हेल्थ से लेकर ब्यूटी तक में हल्दी का यूज होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सीने के दर्द को कम करते हैं। इसी के साथ हल्दी एक म्यूकोलाईटिक के रूप में काम करती है। ऐसे में ये ब्रोन्कियल नलिकाओं से बलगम और जुकाम को दूर करने में मदद करती है जिससे सांस लेने में आसानी होती है। दूध या चाय दोनों के साथ इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
मेथी दाना
वजन घटाने से लेकर कॉलेस्ट्रोल कम करने तक, कई बीमारियों का इलाज करने के लिए मेथी के दानों का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट्स की मानें तो मेथी के बीज खाने से व्यक्ति को पसीना आने में मदद मिलती है, जिससे बुखार के दौरान उनके शरीर का तापमान कम हो जाता है। इसके अलावा इसकी बनी चाय निमोनिया में लगातार होने वाली खांसी को ठीक करने में मदद कर सकती है।
अदरक
अदरक में एंटी इंफ्लामेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुड़ होते हैं। ऐसे में ये निमोनिया पैदा करने वाले इंफेक्शन से लड़ने में मदद कर सकता है। यह सीने में दर्द को कम करने में मदद करता है जो संक्रमण का एक लक्षण है। इसके अलावा दर्द कम करने के लिए अदरक की चाय पी जा सकती है।
दही
दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो निमोनिया पैदा करने वाले रोगजनकों की ग्रोथ को रोकते हैं। ये इम्यून सिस्टम को भी बढ़ावा देते हैं क्योंकि ये आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं।
खट्टे फल और पत्तेदार सब्जियां
खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं, ऐसे में ये इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने में मदद करते हैं ऐसे में अच्छी को बढ़ावा मिलता है। इनमें एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं। इसी के साथ पत्तेदार सब्जियां पोषक तत्वों से भरी होती हैं, जो सांस के संक्रमण को ठीक करने में मदद करती हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को संक्रामक एजेंटों से बचाते हैं।

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