April 21, 2026

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एसडीएम ने ली राइस मिलर्स की बैठक, वारदाना उपलब्ध करवाने निर्देशित किया

समितियों में बारदाना उपलब्ध कराने प्रशासन मुस्तैद

महासमुंद // नारायण सान :

स्थानीय राईस मिल एसोसिएशन कि बैठक आज एसडीएम कार्यालय में सुबह 10.30 बजे रखी गई, जिसमें एसडीएम ने सभी मिलर्स को बारदाना जमा करने के लिए निर्देशित किया.

बैठक में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नम्रता चौबे ने राइस मिलर्सो को कहा कि बारदाना की व्यवस्था करना हमारी जिम्मेदारी है, धान खरीदी प्रभावित न हो, बारदाना जमा नहीं करने पर कारवाई करने की बात कही , मिलर्स ने कहा कि हम अपनी अनेक मांगों को लेकर असहयोग आंदोलन में है, इसलिए बारदाना जमा नहीं कर रहे हैं । यह निर्णय जिला व प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन का है। तब एसडीएम ने बारदाना जप्ती करने की बात कही , मिलर्स ने कहा अगर जप्त करना प्रशासन का अधिकार है तो हम विरोध के साथ जप्ती बनवाएंगे । साथ ही एसडीएम ने कहा कि जप्त बारदाना जिनको भी सुपुर्द करते है वे देख भाल कर बारदाना लें जाएं बाद में खराब बारदाना है बोल कर वापसी नहीं होना चाहिए जिस पर सहमति बनी। मिलर्स ने अपनी मांगों से एसडीएम को अवगत कराया एसडीएम ने कहा कि आपकी मांग शासन तक पहुंच रही है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि मिलर्स सदैव शासन का सहयोग करते रहे हैं मगर इस बार भुगतान नहीं मिलने के साथ ही प्रोत्साहन राशि कम कर 120 से 60 रुपए कर दिया गया है, जिसके विरोध के साथ हमारी मांग है कि परिवहन में वास्तविक भाड़ा दिया जाना चाहिए, मिलर्स का काम एफआरके का ब्लेंडिंग करना है मगर मिलर्स को एफआरके भुगतान सालों नहीं मिलता, बारदाना में मनमानी कटौती की जाती है लेने की दर अलग, देने की अलग-अलग, भुगतान परिवहन का 2021 से वर्षों का लम्बित, चांवल जमा के लिए जगह का अभाव से समय पर जमा नहीं लेने से धान की गुणवत्ता प्रभावित होती है छत्तीसगढ़ में एक क्विंटल धान में चांवल की क्षणती 67 प्रतिशत नहीं होती, मगर 67 प्रतिशत के हिसाब से चांवल देना पड़ता है। इसलिए प्रोत्साहन राशि की मांग बलवती है।

एसडीएम नम्रता चौबे —
जहां जहां बारदाना की कमी है उपलब्ध कराया जा रहा है, मिलर्स लोग बारदाना देने तैयार है, अफवाहों पर ध्यान ना दें.

मंडी सचिव khirbhan सिंह dhruv –
बारदाना देना चालू हो चुका है, बारदाना की कमी नहीं होगी , उपलब्ध करा दिया जायेगा.

किसान नेता- प्रभात पटेल

समिति द्वारा किसानो को बारदाना लाने कहा जा रहा है जिसके एवज़ में 25 ₹ शासन से मिलने की बात हो रही है, जिसमें आधा किसान का बारदाना होगा और आधा समिति देगी. लेकिन यह सब मौखिक है आदेश की कॉपी नहीं बताय जा रहा है!