नियमों से परे जाने या गड़बड़ी करने पर कार्रवाही होगी
महासमुंद//दि बीबीसी लाइव :
कलेक्टर ने उक्त बातें आज समय सीमा की बैठक में कही। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी का कार्य राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है । उन्होंने इस बात पर ख़ुशी जतायी कि बीते चार दिनों में प्रदेश में सबसे अधिक धान की ख़रीदी ज़िले में हुई है। कलेक्टर ने कहा इस माह या नज़दीक दिनों में ज़िले में मुख्यमंत्री का जानता से भेंट मुलाक़ात का कार्यक्रम कभी भी हो सकता है।इसलिये सभी तैयारियाँ पूरी रखें। उन्होंने आधार सीडिंग के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि इस हेतु प्राथमिकता वाले गांवों में आधार पंजीयन और बैंक खाता खोलने हेतु शिविर लगाया जाये।
कलेक्टर क्षीरसागर ने कहा कि अवैध धान की बिक्री समितियों में होने नहीं दी जायेगी। केवल पंजीकृत किसान निर्धारित मात्रा में ही धान की बिक्री कर पाएंगे। पहले की तरह इस साल भी 15 क्विंटल प्रति एकड़ लिमिट रखा गया है। इस बार निगरानी तंत्र को काफी पुख्ता रखा गया है। राजस्व के साथ साथ पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि जिले के वास्तविक किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाना है। शासन के निर्देश पर राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी किसान द्वारा बोये गये धान रकबा की खेतों में जाकर गिरदावरी तैयार की गई है । उन्होंने कहा कि धान ख़रीदी में किसी भी प्रकार के गड़बड़ी के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। खरीदी के दौरान कम्प्युटर ऑपरेटर को भी सावधानियां बरतनी होगी। कोताही के लिए उन पर भी सीधे कार्रवाही होगी ।
इस बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत एस आलोक , वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत , अपर कलेक्टर दुर्गेश कुमार, ओ.पी. कोसरिया सहित विभिन्न विभागों के ज़िला अधिकारी उपस्थित थे।

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