गोरखपुर. अब 10 साल पुराने रूट रिले इंटरलॉकिंग पैनल की जगह हाईटेक इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले सिस्टम से ट्रेनों का नियंत्रण होगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। गोरखपुर में स्टेशन पर प्लेटफार्म नम्बर-9 पर भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसके तैयार होने में करीब छह माह लगेंगे।फिलहाल, प्लेटफॉर्म नंबर-पांच और छह के बीच आगे की तरफ आरआरआई पैनल स्थापित है, जहां एक काफी बड़े पैनल से कंट्रोलर ट्रेन के लिए रास्ता बनाता है। जल्द ही इस पैनल की जगह एक एलसीडी मॉनीटर ले लेगा और उसी मॉनीटर पर पूरा यार्ड आ जाएगा। इस सिस्टम में कंट्रोलर माउस के जरिए बहुत ही आसानी से ट्रेनों को कंट्रोल किया जा सकेगा। नए अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक कंट्रोल सिस्टम से ट्रेनों का संचलन और आसान होगा और ट्रेनें पहले की तुलना में ज्यादा सहूलियत से एक सेक्शन से दूसरे सेक्शन में जा सकेंगी।2010 मे आरआरआई कंट्रोल पैनल स्थापित हुआ था। इसके पूर्व लिवर सिस्टम से लाइन बनाने और प्वाइंट देने का काम होता था। वर्तमान में लगे आरआरआई पैनल से ट्रैक पर लेने और सिग्नल देने के लिए दो बटनों का इस्तेमाल होता है। नए सिस्टम में बटन की भी जरूरत नहीं होगी, बस माउस के एक क्लिक से संचलन हो सकेगा। इलेक्ट्रानिक सिस्टम लागू होने के बाद चंद मिनट में ही ट्रेनों की क्रॉसिंग हो सकेगी। इससे यात्रियों को क्रॉसिंग के समय देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सिग्नल प्रणाली के हाईटेक होने के बाद ट्रेन दुर्घटना की आशंका काफी हद तक खत्म हो जाएगी।सीपीआरओ, पंकज कुमार सिंह ने बताया कि संरक्षा की दृष्टि से पूर्वोत्तर रेलवे में कई कार्य प्रगति में हैं। उन्हीं में से एक इंटरलॉकिंग व्यवस्था को आधुनिक इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिस्टम में परिवर्तित करना है। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर भी नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग व्यवस्था लगाई जा रही है।

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