August 2, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

स्थानीय युवाओं का हक छीनकर आउट सोर्सिंग की प्लानिंग कर रहा भाजपा सरकार : विनोद चंद्राकर

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव व महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को शासकीय नाैकरी में भर्ती का झांसा देकर सरकार में आई जुमलेबाज भाजपा सरकार ने अब स्वास्थ्य विभाग में आउट सोर्सिंग के माध्यम से डाॅक्टरों की भर्ती करने का प्लान तैयार किया है। जो स्थानीय पढ़े-लिखे डिग्रीधारी युवाओं की उम्मीद पर कुठाराघात है।

श्री चंद्राकर ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री यह तर्क देते हैं कि स्थानीय स्तर पर आवेदन न आने पर अन्य राज्यों से बुलाकर डाॅक्टरों को नौकरी दी जाएगी। लेकिन, उनका यह तर्क सच्चाई से परे है। क्योंकि, रमन राज के समय राजधानी के आम्बेडकर अस्पताल में ही 2014 में जब 33 वार्ड ब्वॉय की वेकेंसी निकली थी तब 46 हजार आवेदन मिले थे, जो मूल छत्तीसगढ़ निवासी थे, और बीई से लेकर और भी उच्च शिक्षित थे, ऐसे में उनका यह तर्क तो सरासर झूठ है। सच्चाई यह है कि पहले भी राज्य की रमन सरकार स्थानीय युवा विरोधी थे, और वर्तमान में भाजपा की साय सरकार भी उसी राह पर चल रहा है।

श्री चंद्राकर ने कहा कि भाजपा के रमन सिंह शासन काल में बड़ी मात्रा में आउट सोर्सिंग के माध्यम से हर विभाग में चपरासी से लेकर अधिकारी तक दूसरे प्रदेशों के लोगाें की भर्ती की गई। इसका फायदा भाजपा के तमाम छोटे से लेकर बड़े नेताओं ने जमकर कमीशनखोरी कर उठाया तथा करोड़ों का वारा-न्यारा किया। शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता को दरकिनार कर संघियों को उपकृत किया जाता रहा। पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में बेरोजगार, पढ़े-लिखे नाैजवानों के हित में उनके अधिकारों की रक्षा करने आउट सोर्सिंग सिस्टम को पूरी तरह खत्म किया गया था। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल में में 5 लाख से अधिक नये नौकरियों के अवसर सृजित किये। केवल सरकारी विभागों में ही लगभग 1 लाख रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की। स्वास्थ्य विभाग में डाॅक्टर, विशेषज्ञ, नर्स और तकनिशियनों सहित 4 हजार से अधिक नियमित पदों पर भर्तियां की।

अब एक बार फिर वही, दाैर शुरू हो गया है। आरएसएस के लोगों को एंट्री कराने की प्लानिंग हो रही है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न सरकारी विभागों में नियमित पदों पर लगभग 48 हजार नौकरियां जो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय से प्रक्रियाधीन है, उसे भाजपा की सरकार आने के बाद बाधित कर दिया गया है। आउट सोर्सिंग छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों का सबसे बड़ा अपमान है, नियमित कर्मचारी के तौर पर छत्तीसगढ़ के युवाओं के सरकारी नौकरी में योजगार के अवसर खत्म करने का षड़यंत्र विष्णुदेव साय की युवा विरोधी सरकार ने रचा है।