छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी ओपी यादव को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 1995 बैच के IFS अधिकारी ओपी यादव अब प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। यह फैसला राज्य के वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वन विभाग ने जारी किया पदोन्नति आदेश
राज्य शासन की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि ओपी यादव अभी तक अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन) के रूप में कार्य कर रहे थे।
अब उन्हें कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नियमित रूप से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के पद पर पदोन्नत किया गया है।
HAG+ (लेवल-16) वेतनमान का मिलेगा लाभ
पदोन्नति के साथ ओपी यादव को HAG+ (Higher Administrative Grade Plus) के अंतर्गत लेवल-16 का वेतनमान भी मिलेगा।
मुख्य बिंदु:
- वेतनमान: ₹2,05,400 से ₹2,24,400 प्रति माह
- पद: प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF)
- विभाग: वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण
- अतिरिक्त दायित्व: मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़
नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में रहेगी पदस्थापना
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि ओपी यादव को अगले आदेश तक प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन) के पद पर अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर में पदस्थ किया गया है।
यह पद राज्य में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों में शामिल माना जाता है।
वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी नई दिशा
छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है जहां घने जंगल, समृद्ध जैव विविधता और अनेक संरक्षित वन क्षेत्र मौजूद हैं। ऐसे में PCCF (वन्यजीव) की भूमिका बेहद अहम होती है।
इस पद पर रहते हुए ओपी यादव की प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी:
- वन्यजीव संरक्षण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
- जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देना
- राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्यों की निगरानी
- मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए रणनीति बनाना
- वन संरक्षण से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों का संचालन
- राज्य में वन्यजीव प्रबंधन की नीतियों को मजबूत करना
प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा लाभ
ओपी यादव भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। लंबे प्रशासनिक अनुभव और वन प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पदों पर कार्य करने के कारण उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। उनकी पदोन्नति से विभाग में प्रशासनिक नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला
वन विभाग में यह पदोन्नति राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में से एक मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और वन्यजीव प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाना है। वरिष्ठ अधिकारी को PCCF के पद पर नियुक्त किए जाने से विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय और तेज निर्णय प्रक्रिया की उम्मीद जताई जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ओपी यादव के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता से जुड़ी योजनाओं को नई गति मिलने की संभावना है। उनकी नियुक्ति से राज्य में पर्यावरण संरक्षण और वन संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

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