* माॅब लिचिंग की घटना प्रदेश के माथे पर कलंक का टीका*
महासमुंद। गत दिनों गाै तस्करी के नाम पर अपराधिक किस्म के लोगों द्वारा 2 युवकों की पीट-पीटकर हत्या की घटना को निंदनीय करार देते हुए पूर्व संसदीय सचिव व महासमुंद के विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने इसे राज्य सरकार के संरक्षण में अपराधियों के बुलंद हाैसले का परिणाम बताया है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि भाजपा के महज 5 माह के कार्यकाल में ही राज्य में कानून व्यवस्था की धज्जिया उड़ गई है। चहूं ओर अराजक तत्वों द्वारा सत्ता संरक्षण में गिरोह बनाकर भय का वातावरण बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की पहचान सबसे शांत व सात्विक प्रदेशों में से एक है। लेकिन, पिछले 5 माह के भाजपा कार्यकाल में प्रदेश बदमाशों के नियंत्रण में आ गया है। प्रदेश में गूंडे, बदमाश बेखाैफ होकर अपराध कर रहे हैं। इन बदमाशों पर कार्रवाई नहीं होने से इनके हाैसले बुलंद हैं।
श्री चंद्राकर ने कहा कि आरंग और महासमुंद के मध्य महानदी पूल के पास गाै तस्करी के संदेह पर गिरोह के लोगों द्वारा युवकों की बूरी तरह पिटाई की गई। उन्हें पूल से नीचे फेक दिया गया। 3 में से दो युवकों की मौत हाे गई। एक गंभीर रूप से घायल है। घायल युवक के बयान के बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा इस मामले में कार्रवाई नहीं करना इस बात का साक्ष्य दे रहा है कि इन अपराधियों को भाजपा सरकार का खुलेआम समर्थन मिल रहा है। माब लिचिंग की घटना राज्य के माथे पर कलंक का टीका है। इस तरह गिरोह बनाकर कानून को हाथ में लेने का दुस्साहस कहां से आया? सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। घटना से जुड़े लोग किस संगठन से हैं? इसकी जांच कर सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। श्री चंद्राकर ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलत है, वह अपराधी साबित होता है तो उसके लिए संविधान के तहत कार्रवाई किया जाना चाहिए। कानून में जो प्रावधान है उसके तहत उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन गिरोहबाजी कर अपराधिक संगठनों द्वारा लोगों को रोकना, भय का वातावरण बनाना, भीड़ बुलाकर हिंसात्मक घटनाओं को अंजाम देना, हत्या जैसे अपराध करना स्वीकार्य नहीं है।

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