कोंडागांव। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन दुकानों को जारी किए जाने वाले चावल में हेराफेरी के मामले में शामिल लोगो पर जांच व कार्यवाही छोड़ जिम्मेदारो ने अनियमितता के मामले को ही ठंडे बस्ते में डाल रखा है।जबकि
मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त जांच दल गठित कर कार्रवाई करने की बात अधिकारियों को दौरान कहीं थी। जांच व कार्यवाही में विलम्ब होने से अनियमित्ता में शामिल लोगों को विभागीय संरक्षण मिलने का आरोप भी लगने लगा है।
मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना में अनियमित का
मामला मार्च महीने में सामने आने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों का संयुक्त दल मामले की जांच में जुटा था,उस दौरान संयुक्त जांच दल की जांच प्रतिवेदन में पाए गए तथ्यो के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की बात अधिकारियों ने कहीं थी।
नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले के उचित मूल्य की दुकानों में भेजी जाने वाली चावल की बोरियों में चावल की मात्रा कम रहने का दुकानदारों ने दावा किया था।पहले तो दुकानदार खुद घाटा सहकर भी कुछ महीने मुंह खोलने से बचते रहे,हर महीना चावल की मात्रा कम होने की जानकारी उन्होंने पहले विभाग के अधिकारियों को भी दी,फिर भी सुधार नहीं हुआ और जब हितग्राहियों को बांटने के लिए चावल कम पड़ने लगा तो परेशान दुकानदारों ने अपनी पीड़ा सामने लाई।और यह खेल
नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम प्रभारी और जयनारायण जायसवाल नागरिक आपूर्ति निगम के परिवहन कर्मियों की मिली भगत से विगत कई महीनों से चलते आ रहा। वही इस मामले पर प्रभारी खाद्य अधिकारी नवीन श्रीवास्तव ने जांच पूरी नहीं होने की बात कही ।

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