April 17, 2026

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आईजी ने ली लोकसभा चुनाव को लेकर बैठक: कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा में बढ़ा क्राइम, फरार हत्यारे और बलात्कारियों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश

जबलपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर आईजी अनिल सिंह कुशवाह ने जोन के डीआईजी एवं एसपी की बैठक ली. बैठक में जहां लोकसभा चुनाव से पहले की तैयारियों की समीक्षा की गई तो, वहीं पिछले चुनाव में दर्ज अपराधों के जल्द से जल्द निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए. वहीं हाईकोर्ट से प्राप्त नोटिस और वारंट की भी जल्द तामीली, बलात्कार के प्रकरणों मे डीएनए रिपोर्ट FSL से प्राप्त कर न्यायालय पेश करने के साथ जिलाबदर एवं गुण्डों-बदमाशों पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए.

बैठक में आगामी लोक सभा चुनाव को देखते हुए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिये गए. जोन में उपलब्ध बल की समीक्षा की गई. साथ ही चुनाव के लिए आने वाले केन्द्रीय एवं राज्य बल के रूकने के लिए आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया. पिछले लोकसभा चुनाव 2019 एवं विधान सभा चुनाव 2023 के दौरान चुनाव दर्ज पेंडिंग मामलों का 3 दिन में निपटारा करने के भी निर्देश दिए गए.

छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बढ़ा अपराध

बैठक में सभी जिलों में पिछले 2 महीने में दर्ज अपराध में की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई. जिला छिंदवाडा और पांढुर्णा में क्राइम बढ़ने पर इनकी रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया. जोन में कुल अपराध में पिछले साल की अपेक्षा कमी हुई है. अवैध शराब, गांजा, स्मैक बेचने वालों व उपयोग करने वाले, जुऑ, सट्टा खिलाने-खेलने वालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. आदतन अपराधियों का रिकार्ड छांटकर रासुका, जिलाबदर, 110 की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए. अनुसूचित जाति/जनजाति के खिलाफ अपराध का जल्द निराकरण करने एवं पीड़ितों को जल्द राहत राशि दिलाए जाने के निर्देश दिए गए.

फरार हत्यारे और बलात्कारियों की संपत्ति होगी कुर्क

हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार के ऐसे प्रकरण जिनमें अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, उनकी समीक्षा की गई. फरार आरोपियों की पतारसी कर, ईनाम उद्घोषणा करने, संपत्ति कुर्की की कार्यवाही कराने, आरोपी जल्द गिरफतार करने तथा संपत्ति संबंधी अपराध नकबजनी, चोरी, लूट के प्रकरणों मे पुलिस टीम लगाकर आरोपियों की पतारसी कर माल मशरूका बरामद करने एवं चिन्हित एंव गंभीर अपराधों मे सजायाबी कराए जाने के लिए उनमें विचारण के दौरान मॉनिटरिंग कर अधिक से अधिक सजा कराने के निर्देश दिए गए.