बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर दिलीप झा को नमाज विवाद मामले में उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया,जिसकी जानकारी आज दी गयी। अदालत ने साफ कहा कि मामले में आरोप पत्र पहले ही दाखिल हो चुका है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप संभव नहीं है।
प्रोफेसर झा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।दरअसल, पूरा मामला मार्च 2025 में कोटा क्षेत्र के शिवतराई में आयोजित एनएसएस के सात दिवसीय शिविर से जुड़ा है। 26 मार्च से 1 अप्रैल तक चले इस शिविर के दौरान 30 मार्च को ईद के दिन चार मुस्लिम छात्रों को मंच पर नमाज पढ़ने के लिए बुलाने और अन्य छात्रों पर भी इसमें शामिल होने का दबाव बनाने का आरोप लगा था। विरोध करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र रद्द करने की धमकी देने की बात भी सामने आई थी।
इस मामले में प्रोफेसर दिलीप झा के साथ मधुलिका सिंह, सूर्यभान सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, प्रशांत वैष्णव, बसंत कुमार और डॉ. नीरज कुमारी पर भी आरोप लगाए गए हैं।घटना के बाद प्रभावित छात्रों ने कोनी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। शिकायत के आधार पर कोटा पुलिस ने सभी आरोपित शिक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

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