April 17, 2026

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दीपावली में भी महंगाई का धमाका, कपड़ा, रंगाई-पोताई,के साथ महंगा हो गया पटाखा

रायपुर. महंगाई की मार से परेशान आम आदमी पर इस बार दीपावली भी भारी पड़ने वाली है, क्योंकि इस दीपावली सभी सेक्टरों पर महंगाई छाई हुई है। रंगाई, पोताई, झालर, कपड़ा, सिलाई के साथ पटाखा भी महंगा हाे गया है। हर सेक्टर में 20 से 30 फीसदी तक कीमतें बढ़ीं हैं। ऐसे में दीपावली का बजट इस साल 50 फीसदी तक बढ़ गया है। यानी इस दीपावली महंगाई का ही धमाका हाेने वाला है।
पेट्रोल और डीजल की आग लगाती कीमतों के कारण हर सेक्टर में महंगाई की आग लगी है। मालभाड़ा भी बढ़ गया है। ऐसे में दीपावली में घरों की रंगाई और पोताई 20 से 30 फीसदी तक महंगी हो गई है। हार्डवेयर कारोबारी मनीष गुप्ता और रवि जैन के मुताबिक बिडला वाइट और अन्य कंपनियों के वाइट में तो ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है, ये दस से बीस रुपए ही बढ़े हैं, पुट्टी भी कीमत भी ज्यादा नहीं बढ़ी है, लेकिन रंग और पेंट की कीमत जरूर 20 से 30 प्रतिशत बढ़ गई है। दस लीटर वाली बाल्टी का जो रंग पहले 12 से 13 सौ में आती था, वह अब 15 से 16 सौ रुपए हो गई है। एक लीटर वाला रंग जो 200 रुपए में मिलता था, वह अब 240 से 260 रुपए हो गया है। पेंट की बात करें तो एक लीटर की पेंट 160 रुपए वाली 200 और दो सौ वाली 250 रुपए हो गई है।
पटाखे 30 फीसदी तक महंगे
पटाखे भी 30 फीसदी तक महंगे हो गए है। ज्यादातर पटाखे शिवाकाशी से आते हैं। वहां से यहां तक तक आने का मालभाड़ा भी 25 फीसदी तक बढ़ गया है। इसकी वजह से पटाखों की कीमत में आग लग गई है। चिल्हर कारोबारी अजय अग्रवाल के मुताबिक जो अनार का डिब्बा पिछले साल 60 रुपए में मिलता था, वो सौ रुपए का हो गया हैं। 80 वाली चकरी का पैकेट 120 रुपए 150 वाला राकेट का पैकेट 220 रुपए, 100 रुपए वाले बम का पैकेट 130 रुपए, 100 वाली फुलझड़ी 130 रुपए तो 30 रुपए में मिलने वाला छोटे लाल बम का पैकेट 50 रुपए हो गया है।

झालरें 20 फीसदी महंगी
दीपावली पर घरों से लेकर हर संस्थानों को सजाने के काम चाइना की झालरों से किया जाता है। पिछले साल तो कोरोना के कारण चाइना के माल नहीं आया था और पुराने स्टॉक के साथ देशी झालरों से काम चलना पड़ा था। इस बार चाइना से भरपूर माल आया है, लेकिन इसकी कीमत 20 फीसदी तक बढ़ गई है। थोक और चिल्हर कारोबारी कमल तलरेजा के मुताबिक जो छोटी झालर 20 रुपए में मिलती थी, वह 30 रुपए हो गई है। 80 रुपए वाली बड़ी झालर 100 रुपए और 100 वाली झालर 125 रुपए में बिक रही है। 200 वाली ज्यादा लंबी झालर की कीमत 250 रुपए हो गई है। झालराें के साथ ही इलेक्ट्रिक्स के सामान भी महंगे हो गए हैं। इसमें तारों के साथ होल्डर और प्लक सहित सारे सामान शामिल हैं। सभी में 10 से 20 फीसदी कीमत बढ़ गई है।
कपड़ा और सिलाई भी महंगी
कपड़ों पर भी महंगाई की मार पड़ी है। पंडरी थोक कपड़ा बाजार के पूर्व अध्यक्ष चंदर विदानी के मुताबिक हर तरह के कपड़ों में 20 फीसदी तक कीमत में इजाफा हो गया है। चिल्हर कारोबारी संजय बालानी के मुताबिक काटन की कीमत 25 से 30 रुपए मीटर पर बढ़ गई है। इसी के साथ पेंट के कपड़े में भी 50 रुपए मीटर तक कीमत बढ़ी है। जो साड़ी पहले दो रुपए की आती थी, 230 से 250 रुपए की हो गई है। रेडीमेड कपड़ों में भी कीमत बढ़ी है। तीन सौ वाला सूट 400 रुपए और 400 वाला अच्छा शूट 550 से 600 रुपए हो गया है। अंडर गारमेंट की कीमत भी 25 से 30 प्रतिशत बढ़ गई है। सिलाई की बात करें तो इसमें भी इजाफा हो गया है। पिछले साल पेंट की सिलाई अलग-अलग दुकानों में साढ़े चार से पांच सौ रुपए थी, वह इस बार छह से साढ़े छह सौ रुपए हो गई है। शर्ट की सिलाई में 50 से 100 रुपए का इजाफा हुआ है। शर्ट की सिलाई पांच सौ हो गई है। कपड़ों के साथ सिलाई के महंगे होने का एक कारण धागों को बताया जा रहा है। धागों की कीमत 12 सौ रुपए किलो से 16 सौ रुपए किलो हो गई है।