August 5, 2026

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बारूद के ढेर में सरायपाली : कोई अप्रिय घटना होती है तो इसका जवाबदार होगा कौन??

सभी रिहायशी इलाकों पर फटाका प्रतिबंध, किसकी अनुमति से संचालित हो रहा?

सरायपाली // नारायण शान :

बिना लाईसेंस के पटाखा दुकान खोलने वाले दुकान व गोदामों में अवैध तरीके से विस्फोटक सामग्री रखने पर पुलिस व संबंधित विभाग द्वारा छापेमारी अभियान लगातार चलाया जा रहा है!

दिवाली का त्यौहार नजदीक आने पर पटाखे की बिक्री के लिए मंगलवार 07 नवंबर2023 को पदमपुर रोड, पुरानी मंडी क्षेत्र में 22दुकानों की नीलामी की गई, जिसके तहत यहां दिवाली के उपलक्ष में यहां पर दुकानदारों को पटाखे बाजार सजाने की अनुमति दी गई है!

जानकारी अनुसार पटाखे की दुकान के बीच 15फीट की दूरी होना चाहिए, नियम का पालन यहां नहीं हो रहा है!

इस संबंध में अग्निशमन पदाधिकारी नगर पालिका से बात करने पर यहां कोई जानकारी नहीं मिल पाई!
ऐसे समय में लोगों को सबसे ज्यादा सर्तक रहने की जरूरत है।

अगर नियम के विरूद्ध अगर कोई भी दुकानदार विस्फोटक पदार्थ पटाखा की बिक्री करने के लिए दुकान लगाते है तो ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कर उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई किया जा सकता है!

इसके बाद भी बाजारों में कुछ पटाखा कारोबारी बिना जिला प्रशासन के निर्देश के ही पटाखों का भंडारण करने में जुट गए है! इसके साथ ही बाजारों में पटाखें का दुकान भी सजने लगे है।

अवैध पटाखा भंडार की जांच पड़ताल में शहर में भ्रमण कर ऐसे लोगों के ठिकानों पर छापेमारी किया जा रहा है!
दूसरे राज्यों से भी सरायपाली में फटाका मंगाया जाता है इस पर भी विभाग की कड़ी नजर बने बनी रहती है!

शहर के लोगों वह सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि दुकानों , गोदामों में एक दो सप्ताह पहले से लाखों के पटाखों का भंडारण शुरू कर दिया गया है, जो यह अब तक जारी है, पटाखे धड़ल्ले से दुसरे राज्य से मंगाया जा रहा है जिससे इनकार नहीं किया जा सकता!

विधान सभा चुनाव और आचार संहिता लगने के बाद प्रत्याशियों को पार्टियों से टिकट मिलने की खुशी में लगातार पटाखे फोड़े जा रहे हैं!
इसलिए व्यापारी पहले से ही तैयारी कर रखे हैं! जानकारों की माने तो बारूद से बने पटाखों के बिक्री व भंडारण का बकायदा मानक तय है, लेकिन मुनाफा कमाने के पीछे सभी आंख बंद किए हुए है।
इसके साथ ही पटाखे की दुकान ही नहीं बल्की बस्तियों में पटाखों के गोदाम बना रखे है, अधिकारियों को भी इसका पता नही है!

शहर की घनी जनसंख्या वाले स्थानीय निवासी को यह बात परेशान करती है कि कोई बड़ा हादसा न हो जाए, बाबजूद अधिकारी अपनी आंख बंद किय हुए है!

दुकान खोलने के लिए इस नियम का करना होता है पालन–

मिली जानकारी अनुसार राजधानी रायपुर के एक अग्निश्मन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि पटाखा दुकान व गोदाम खोलने के लिए भारतीय विस्फोटक अधिनकयम(2000) के तहत पटाखे की एक दुकान से दूसरे दूकान के बीच की दूरी 15 फुट से अधिक होनी चाहिए!
दुकान में 10 बोरी बालू होनी चाहिए।
जबकि गोदाम में 50 बोरी होना चाहिए, दो बड़े ड्रामों में हमेशा पानी भरा हाेना चाहिए, 6 फायर एक्सटिंग्यूसर सिलेंडर भी होना चाहिए। टेंपरेरी लाइसेंस के बारे में पूछने पर उनका कहना था कि यह क्या होता है मुझे नहीं पता?

लाईसेंसी दुकानदारों को भी इस नियम का सख्ती से पालन करना होता है। अगर जांच के दौरान पटाखों दुकानों में इन सभी सामानों का अगर व्यवस्था नही किया गया है, तो तुरंत उस दुकान को बंद करवा दिया जाता है!

आतिशबाजी में प्रयोग होने वाले प्रतिबंधित रसायन–

आतिशबाजी के लिए पटाखों में आर्सेनिक, सीसा, सल्फर और क्लोरीन की अलग-अलग मात्रा इस्तेमाल की जाती है, जिन्हें केंद्र सरकार के खतरनाक रासायनिक नियम (2000) के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है!

स्वास्थ्य पर पड़ता है गंभीर असर–

पटाखे की जहरीली गैसों से गंभीर बीमारी जैसे गैस्ट्रो- इंटेस्टाइनल संकट पैदा हो सकता है! यह अक्सर उल्टी, पेट में दर्द, दस्त और कभी-कभी हाइपोकैलिमिया (शरीर में पोटेशियम का कम स्तर) नामक संभावित घातक स्थिति का कारण बनता है!

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पटाखों में बेरियम का उपयोग बैन होने के बावजूद उनमें धड़ल्ले से इस जहरीले रसायन का उपयोग हो रहा है!

सुप्रीम कोर्ट ने लगा रखा है प्रतिबंध–

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पटाखों की कई किस्मों की एक जांच में पाया गया कि उनमें से ज्यादातर में बेरियम का इस्तेमाल होता है! इस जहरीली धातु के पटाखों में उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया है!

सुप्रीम कोर्ट ने बेरियम वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है! जबकि चीन से भी पटाखे आते हैं और कुछ में आर्सेनिक जहरीले विस्फोटक पदार्थ होते हैं, जिससे आंखों में होने वाली बीमारी, त्वचा रोग व स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां व फेफड़े खराब होने और गैस्ट्रो जैसी प्रॉब्लम /समस्या उत्पन्न हो सकती है!!
इसकी जांच कौन करेगा?
इसकी भी जानकारी नहीं है?