नगरपंचायत को होगी करोड़ो रूपये राजस्व का नुक्सान या कहें भ्रष्टाचार!
पत्थलगांव/दि बीबीसी लाइव ब्यूरो :
आपको बता दें की 23 जून को पत्थलगांव नगरपंचायत की ब्यवसायिक दुकान की नियम विरुद्ध नीलामी प्रकिया करते हुए काफी कम रुपयों में दुकान की बोली करवा दी थी, जिससे करोड़ो रूपये की राजस्व की नगर पंचायत को नुक्सान हो रहा था।
ज्ञात हो कि यही पर पूर्व में दुकान की बोली 50 लाख रुपये में बोली कर दुकान दी गई थी पर 23 जून को मात्र आठ लाख रुपये की बोली में दुकान दे दी गई थी। जिससे स्थानीय लोगो मे अनेक तरह के सन्देह सामने आने लगे थे, जिस पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और सयुक्त संचालक सरगुजा ने पत्थलगांव नगर पंचायत से पूरे निलामी प्रकिया का प्रतिवेदन मंगाया था साथ ही रोजाना समाचार पत्रों की सुर्खियों में नगरपंचायत की नियम विरुद्ध नीलामी प्रकिया पूरी तरह छाया रहा था जिसे सोमवार 11 जुलाई को लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए नगरपंचायत की पीआईसी बैठक में एक सिरे से बस स्टैंड की ब्यवसायिक दुकानों की बोली प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था।
अब अचानक फिर से परिषद की बैठक में इस नगरपंचायत की विवादित ब्यवसायिक दुकानों की नीलामी प्रकिया को पास कर दीया गया जिससे इस पूरे प्रक्रिया के घालमेल होने की तरफ इशारा मिल रहा है।
आखिर कुछ ही दिनों में एसा क्या हुआ कि फिर से नीलामी प्रकिया को पास कर दिया गया। जबकि जिला कलेक्टर सहित सयुक्त संचालक ने नियम विरुद्ध हुए ब्यवसायिक दुकानों की बोली को निरस्त करने कहा था।
पत्थलगांव नगरपंचायत के उपाध्यक्ष श्यामनारायण गुप्ता ने बताया कि जिस तरह से ब्यवसायिक दुकानों की नीलामी प्रकिया के बोली से ठीक पहले अचानक पहले से तय राशी में परिवर्तन करते हुए बोली करा दीये गये थे जिससे करोड़ो की दुकान मात्र आठ लाख रुपये में बिक गई थी जिससे नगरपंचायत को करोड़ों रूपये के राजस्व की हानि हो रही थी।
इन्ही कारणों को समझते हुए नगर पंचायत पीआईसी की बैठक में ब्यवसायिक दुकान की नीलामी प्रकिया को निरस्त कर दीया गया था पर अचानक फिर से नगरपंचायत के परिषद ने उसी नियम विरुद्ध निलामी प्रकिया को पास कर दिया जो स्थानीय जन भवनाओ के खिलाफ है।
इससे नगर पंचायत को करोड़ो रूपये के राजस्व का नुकसान होगा।
नगरपंचायत सीएमओ जितेन्द्र बहादुर पटेल ने बताया कि नगरपंचायत के ब्यवसायिक दुकानों की नीलामी प्रकिया को परिषद की बैठक में पास कर दिया गया है।
अब इसे जिला कलेक्टर के पास ब्यवसायिक दुकान प्रकिया को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा जहां पत्थलगांव नगरपंचायत के द्वारा पहले नियम विरुद्ध निलामी करवाने और फिर पहले पीआईसी की बैठक में निरस्त करने से लेकर कुछ ही दिन में परिषद की बैठक में इसे फिर से पास कर देने को लेकर फैसला लेना है। पर जिस तरह की जशपूर कलेक्टर रितेश अग्रवाल जाने जाते है। वे कभी भी भ्र्ष्टाचार को बढावा नही देंगे वे जरूर जन भावनाओं के साथ नगरपंचायत को हो रहे करोड़ो रूपये के राजस्व के नुक्सान की बात को समझते हुए ही फैसला लेंगे जिससे पहले दिन से ही हो रहे ब्यवसायिक दुकान के तरफ तरह के खेलों पर विराम लग सके।

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