एडिलेड. मोरक्को की डिफेंडर नोहेला बेनजिना महिला वर्ल्ड कप के टीम के दूसरे मैच में दक्षिण कोरिया के खिलाफ जब मैदान पर उतरीं तो वह हिजाब पहनकर सीनियर स्तर के वैश्विक टूर्नामेंट में खेलने वाली पहली महिला फुटबॉलर बन गईं। फीफा ने धर्म के कारण मैचों में सिर ढककर खेलने के प्रतिबंध को ‘स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों’ से 2014 में पलट दिया था।
‘मुस्लिम वुमैन इन स्पोर्ट्स नेटवर्क’ की सह संस्थापक असमाह हेलाल ने कहा, ”मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि अब ज्यादा से ज्यादा महिलायें और मुस्लिम लड़कियां बेनजिना से प्रेरणा लेंगी और ऐसा सिर्फ खिलाड़ी हीं नहीं बल्कि मुझे लगता है कि फैसला करने वाले, कोच और अन्य खेलों में भी इसका असर पड़ेगा।” बेनजिना मोरक्को की शीर्ष महिला लीग में ‘एसोसिएशन स्पोर्ट्स ऑफ फोर्सेस आर्म्ड रॉयल’ की ओर से पेशेवर क्लब फुटबॉल खेलती हैं।
मोरक्को ने रविवार को दक्षिण कोरिया की टीम को 1-0 से पराजित करके इतिहास रचा। इब्तिसाम जरादी ने मोरक्को की तरफ से विश्व कप में पहला गोल किया जो आखिर में उनकी टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ। जरादी ने मैच के छठे मिनट में ही गोल कर दिया था और उसके बाद उनकी टीम ने आखिर तक इसका सफलतापूर्वक बचाव किया।
मोरक्को अपना पहला मैच जर्मनी से 0-6 से हार गया था लेकिन दक्षिण कोरिया पर जीत से उसने नॉकआउट में पहुंचने की अपनी उम्मीदें जीवंत रखी हैं। उसका अगला मुकाबला कोलंबिया से होगा जबकि दक्षिण कोरिया का सामना जर्मनी से होगा।

More Stories
चिप बनाने वाली फैक्ट्री में लगी आग, रेस्क्यू के दौरान 2 दमकलकर्मी की मौत
दुर्ग में वेतन घोटाले का बड़ा खुलासा! हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी के कुलसचिव गिरफ्तार, महिला कर्मचारी से 1.49 लाख की कथित हेराफेरी
CWG 2026 की रजत विजेता ज्ञानेश्वरी यादव का भव्य सम्मान, CM साय ने दिए ₹30 लाख और DSP पद की सौगात