हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में वेतन घोटाले का खुलासा, कुलसचिव गिरफ्तार; महिला कर्मचारी के वेतन से 1.49 लाख रुपये के कथित गबन का आरोप
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से 1 लाख 49 हजार 384 रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप (51) को मोहन नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
यह मामला विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच के बाद सामने आया, जिसमें बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल भुगतान के दस्तावेजों की जांच के आधार पर कथित वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने का दावा किया गया।
महिला कर्मचारी की शिकायत से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे ने अपने वेतन में अनियमितता की शिकायत कुलपति से की थी।
शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक जांच समिति गठित की। समिति ने:
वेतन भुगतान का रिकॉर्ड,
बैंक स्टेटमेंट,
UPI लेन-देन,
और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की।
जांच रिपोर्ट में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
हर महीने वेतन में कथित कटौती
जांच में सामने आया कि महिला कर्मचारी को प्रतिमाह 11,515 रुपये वेतन मिलना था, लेकिन आरोप है कि उन्हें केवल 2,200 रुपये ही दिए जाते थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, बची हुई राशि कथित रूप से दबाव बनाकर:
PhonePe
Paytm
जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों से उदय कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी।
17 महीनों में 1.49 लाख रुपये की कथित हेराफेरी
जांच समिति के अनुसार यह कथित अनियमितता 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच हुई।
मुख्य तथ्य:
कुल कथित गबन: 1,49,384 रुपये
भुगतान का माध्यम: UPI ट्रांजेक्शन
शिकायतकर्ता: दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी
जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मोहन नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
बैंक रिकॉर्ड और UPI ट्रांजेक्शन बने अहम सबूत
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
इनमें शामिल हैं:
बैंक अभिलेख
UPI ट्रांजेक्शन का विवरण
वेतन भुगतान रिकॉर्ड
विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट
इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी से पूछताछ की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रशासनिक पद के दुरुपयोग का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद का कथित दुरुपयोग करते हुए मातहत कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके वेतन का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यम से दूसरे खाते में ट्रांसफर कराया।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि:
क्या इस तरह की अनियमितता किसी अन्य कर्मचारी के साथ भी हुई है?
कथित रूप से जिस खाते में राशि भेजी गई, उसका इस मामले से क्या संबंध है?
क्या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका है?
पुलिस जांच जारी
मोहन नगर पुलिस ने बताया कि मामले में सभी वित्तीय दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं और डिजिटल लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार:
बैंक खातों की जांच जारी है।
संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी कुलसचिव की गिरफ्तारी के बाद मामले की विवेचना जारी है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया अपनाएगी।

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