गुरुग्राम :- विश्व की प्राचीनतम पहाड़ियों में से एक अरावली पहाड़ी भी है जो Haryana के गुरुग्राम और दिल्ली से सटी हुई है. इस पहाड़ी पर विभिन्न प्रजातियों के पेड़- पौधे और पशु- पक्षी निवास करते हैं. सरकार अब जल्द ही इस पहाड़ी के गुरुग्राम और नूह जिले से सटे 10,000 एकड़ क्षेत्र पर विश्व का सबसे बड़ा जंगल सफारी Park विकसित करने जा रही है. इससे पहले अफ्रीका से बाहर शारजाह मे 2,200 एकड़ जमीन पर कृत्रिम सफारी पार्क किया किया गया है.
अरावली को दिल्ली के लिए किया संजीवनी घोषित
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ CM मनोहर लाल ने गुरुवार को दुबई के शारजहां कृत्रिम पार्क का अवलोकन किया, और अब जल्द ही इसकी तर्ज पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से हरियाणा में विश्व का सबसे बड़ा सफारी पार्क विकसित किया जाएगा. कुछ समय पहले ही SC ने अरावली को Delhi के लिए संजीवनी मानते हुए इसके संरक्षण के लिए सख्त आदेश दिए थे.
पहाड़ी पर विभिन्न प्रजातियों के पेड़ पौधे, पशु पक्षी करते हैं निवास
हरियाणा पर्यटन निगम के महानिदेशक MD सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस जंगल के रखरखाव, इसको डिजाइन करने और इसके संचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त एजेंसियों को बुलाया गया है. ये एजेंसिया सर्वश्रेष्ठ तरीके से इस Park को विकसित और संरक्षित करेंगी. उन्होंने बताया कि अरावली पर्वत श्रृंखला पर 15 प्रजातियां स्तनधारियों की, 57 प्रजातियां तितलियों की, 29 प्रजातियां जलीय जीवो की और पक्षियों की कुल 180 प्रजातियां पाई गई है.
सफारी पार्क विकसित होने से रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
CM मनोहर लाल ने बताया कि अरावली पहाड़ियों में सफारी पार्क विकसित हो जाने से यहां रहने वाले स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. सफारी पार्क विकसित होने से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि देश विदेश से ऐसे कई पर्यटक आते हैं जो कई कई दिनों तक यही रहकर जीव- जंतुओ पर शोध करते हैं, और ग्रामीण इलाकों में रहना पसंद करते हैं. इसके अलावा उन्होंने बताया कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने यहां पर सफारी पार्क विकसित करने पर सहमति जताई है.

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