डॉ प्रवीण शर्मा फरार, अपनी डिग्री अपने ही राइटिंग से लिखा!
रायपुर – सरायपाली//दी बीबीसी लाइव/इरफान शेख :
हॉस्पिटल संचालन के लिए शासकीय नियम कानून लागू कर वर्ष 2013 में प्रदेश सरकार ने नर्सिंग होम एक्ट लागू किया था जिसके तहत हॉस्पिटल संचालक को हॉस्पिटल चालू करने के पूर्व ही लाइसेंस लेना पड़ता है, बावजूद इसके सराईपाली में कुमकुम हॉस्पिटल को खुले करीब 3 महीने हो गए बिना लाइसेंस बिना नर्सिंग होम, लिए प्रशासन को मुंह चढ़ाते हुए कुमकुम हॉस्पिटल संचालन किया जा रहा था। फर्जी डिग्रीधारी डॉ द्वारा इलाज व ऑपरेशन किया जा रहा था।
आपको बता दें कि डॉ प्रवीण कुमार शर्मा अपने को एमबीबीएस एमएस गोल्ड मेडलिस्ट डिग्री धारी बताते हैं जबकि इनका डिग्री जम्मू-कश्मीर और बिहार का है जबकि जानकारी मिल रही है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन है ही नहीं इनकेपास।
आज एसडीएम के निर्देशन पर तहसीलदार द्वारा कुमकुम हॉस्पिटल को सील किया गया। सील की कार्रवाई की भनक लगने के पूर्व ही डॉक्टर प्रवीण शर्मा फरार बताए जा रहे हैं।
एक हॉस्पिटल स्टाफ कुमारी…. से पूछने पर कहा की पता नही डॉ साहब कहां हैं।
सीएमएचओ महासमुंद – डॉक्टर पी कुदेशिया से बात करने पर उनका कहना है कि आवेदन आया है लेकिन लाइसेंस जारी नहीं हुआ है बगैर लाइसेंस हॉस्पिटल संचालन किया जा रहा था। जांच की जायेगी।
तहसीलदार सरायपाली श्री युवराज कुर्रे – कहना है कि हमें शिकायत मिली थी जिसके आधार पर जांच करने पर पाया गया कि डॉक्टर का फर्जी डिग्री है और डॉक्टर फरार है इसलिए हमने हॉस्पिटल को सील कर दिया है।
इस सील करने की कार्यवाही कर अब सवालिया निशान उठ रहे हैं ऐसे डॉक्टरों को कौन सय देता है जो फर्जी डिग्री लेकर आम आदमी का इलाज ऑपरेशन बड़े बेधड़क से करते हैं। जान के साथ खिलवाड करते हैं और अपने को गोल्ड मेडलिस्ट से जवाजते है!

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