भिलाई. लापता बच्चे की तलाश में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिस बच्चे के लौटने की उम्मीद ही छोड़ चुके थे वह बच्चा आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में मिला। बच्चा वापस आने से बचना चाहता था इसके लिए उसने विजयवाड़ा की चाइल्ड लाइन को भी गलत पता बताया था। लगभग दो माह की मेहनत के बाद धमधा पुलिस व साइबर टीम को सफलता मिली है। बुधवार को धमधा पुलिस की टीम बच्चे को लेकर वापस लौट रही है।
धमधा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 4 अगस्त को ग्राम कुटाहा निवासी सुशील सिन्हा का 12 वर्षीय बेटा देवेंद्र सिन्हा अचानक कहीं चला गया था। आसपास तलाश करने के बाद सुशील सिन्हा ने धमधा थाने में गुमशुदा रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में सुशील सिन्हा ने बताया कि उसका बेटे को वह खेत मे काम कराने ले गया था। दोपहर 12:30 बजे फ्रेस होने के नाम से घर के निकला। इसके बाद वह घर से तैयार होकर निकल गया। रिपोर्ट के बाद धमधा पुलिस ने जांच शुरू की। लगभग दो माह की मेहनत के बाद अब जाकर लापता बच्चे का पता चल पाया है।
खेत में काम कराने से था नाराज
धमधा पुलिस के अनुसार बच्चा खेत में काम कराने से नाराज था इसलिए वह भाग गया। जांच के दौरान पता चला कि 4 अगस्त को देवेन्द्र सिन्हा खेत से निकलने के बाद घर पहुंचा और यहां से साइकिल लेकर बरहापुर गांव पहुंचा। बरहापुर में चिप्स व कुरकुरे के पैकेट खरीदे और वहां से जाने के बाद उसका लोकेशन नहीं मिला। पुलिस लगभग दो माह से लापता बच्चे की आसपास हर जगह तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया।
वेबसाइट में डाली डिटेल, तब मिली लोकेशन
लापता बच्चे की तलाश के लिए धमधा पुलिस व साइबर टीम संयुक्त रूप से लगी रही। इस दौरान कुछ ट्रैकिंग वेबसाइट में भी बच्चे की डिटेल्स डाली गई। 26 सितंबर को विजयवाड़ा के चाइल्ड लाइन से पता चला कि देवेन्द्र नाम का एक बच्चा उनके पास 13 अगस्त को मिला था। लेकिन उसने अपना पता नागपुर का बताया है। इसके बाद विजयवाड़ा के चाइल्ड लाइन से संपर्क कर बच्चे की तस्वीर मंगवाई गई तो वह धमधा का ही देवेन्द्र निकला। इसके बाद 26 सितंबर को ही धमधा पुलिस की एक टीम विजयवाड़ाक के लिए रवाना हो गई। 27 सितंबर को विजयवाड़ा पहुंचने के बाद पूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर 28 सितंबर को बच्चे को लेकर रवाना हो रही है।
माता-पिता खो चुके थे उम्मीद
धमधा पुलिस का कहना है कि बच्चे के लापता हुआ लगभग दो माह का समय हो चुका है। इसलिए बच्चे की उम्मीद ही खो चुके थे। पुलिस ने बच्चे का पोस्टर जगह जगह लगवाया। उसके स्कूल में भी पूछताछ की गई। स्कूल से पता चला कि बच्चा पढ़ने में कमजोर है लेकिन काफभ् बड़बोला है। बड़ी बड़ी बातें करता रहता है। इससे पुलिस को आशंका भी हुई कि बच्चा कहीं भाग गया हो। इसके लिए आरपीएफ व जीआरपी से भी संपर्क किया गया था।

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