छोटी बड़ी मालवाहको से कुछ रकम लेकर पार किया जा रहा बॉर्डर
अवैध मादक पदार्थ और पशु तस्करी इसी रास्ते से, तस्करों की हो रही बल्ले बल्ले
प्रदेश का सबसे बड़ा चेक पॉइंट खम्हारपाली बैरियर है!
सरायपाली-रायपुर//दी बीबीसी लाइव/इरफान शेख :
रोजाना हजारों मालवाहक व पब्लिक वाहन NHAI – 53 के रास्ते छत्तीसगढ़ के बॉर्डर को पार कर ओरिसा राज्य में प्रवेश करते हैं।
हमेशा खम्हारपाली चेक पॉइंट पर ट्रकों की लंबी कतारें देखने को मिल जाएगी,
जिससे 2 पहिया 4पहिया पब्लिक वाहनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
NHAI को बैरिकेट लगा कर रोकना —
जानकार बताते हैं कि नेशनल हाइवे को किसी भी स्तिथि में बैरिकेट लगा कर रोका नहीं जा सकता, मगर चेक पॉइंट पर इस तरह बैरिकेट लगाया गया है की 4पहिया वाहन 10km की स्पीड में भी इससे टकरा जा रहे हैं।
ज्ञात हो की एक दैनिक अखबार के अंक में भी खमहारपाली में ट्रकों की लंबी कतार लगने और अवैध वसूली होने की खबर प्रकाशित की गई थी।
खम्हारपाली चेक पोस्ट में आज स्टिंग/ पड़ताल —
दिनांक 3मई को सरायपाली संवाददाता द्वारा अवैध वसूली की जानकारी पर स्टिंग कर मामले की पड़ताल की गई।
जिसमे पता चला कि
NH 53 स्थित चेक गेट के बाहर से ही छोटे बड़े मालगाड़ी जिसे
जिसमे पर्ची /रशिद काटे बगैर 100 200 ,500 रू लेकर छोड़ा जाता है।
पूछने पर वहां तैनाक कर्मचारियों का कहना है की “बड़े साहब का आदेश है।”
वाहन 100-500 रूपये देकर निकल जाते हैं–
एक छोटा हांथी का ड्राईवर का कहना है कि वह रोजाना सोहेला , बारगढ़ आता जाता है। कभी भी पर्ची नहीं कटता, बाहर से ही आता जाता हू और 100रू देता हु।
प्रभारी खम्हारपाली – जांगड़े :
सभी प्रकार के वाहनों की जांच का अधिकार हमे है।
आरटीओ फिटनेस इंश्योरेंस लाइसेंस पॉल्यूशन सभी की जांच हम कर सकते हैं।
जिला परिवहन अधिकारी- राज कुमार ध्रु :
दो-तीन महीने से मैं नहीं जा रहा हूं!
नया नियम कानून आदेश की अभी मुझे जानकारी नहीं।
सीसीटीवी कैमरा लगा है या नहीं इसकी भी जानकारी नहीं मुझे।
किसी भी गाड़ी को चेक कर सकते हैं रोड में जो भी गाड़ी चल रही है
लेकिन हम प्राइवेट गाड़ी को चेक नहीं कर रहे हैं!
सवाल – छोटी मालवाहक क्या बगैर एंट्री जा सकती है?
जवाब – बेरिया से छोटी गाड़ी का क्या लेना देना है मेरे को पता नहीं मैं महासमुंद में रहता हूं इसलिए मेरी जानकारी में नहीं है बैरियर में क्या होता है!
संजय शर्मा बीजेपी नेता ने कहा –
हाईवे को ब्रिकेट लगाकर रोक नहीं सकते।
चेक गेट अवैध वसूली का हड्डा है ही
और परिवहन विभाग अपने आदमी को वसूली के लिए भेजा है।
अवैध वसूली तो हो ही रही है।
ज्ञात हो की प्रदेश भर में 16 परिवहन जांच चौकियों को 4 जुलाई 2017 की आधी रात से बंद कर दिया था।
प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद 4 जुलाई 2020 की आधी रात से ही शुरू कर दिया गया था।
इन सभी जांच चौकियों से छत्तीसगढ़ सरकार को लगभग सौ करोड़ रुपए का राजस्व मिलता था।
ये सभी चौकियां एक देश, एक टैक्स और एक बाजार को ध्यान में रखकर बंद किया गया था।
जानकारी के मुताबिक इन सभी 16 सीमा जांच चौकियों से परिवहन विभाग को 2016-17 में पांच लाख 70 हजार वाहनों से 87 करोड़ का राजस्व समन शुल्क के रूप में मिला था।
इन 16 चेक पोस्ट से राज्य सरकार को सालाना 100 करोड़ का राजस्व मिलता था।
(“चेक पोस्ट में अवैध वसूली पर
एक और बड़ा खुलासा जल्द
अगले adition में….”)

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