May 4, 2026

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कपास और धान की फसल हरियाणा में हुई बर्बाद

सिरसा :- हरियाणा में एक बार फिर से मानसून ने विदाई लेने से पहले अपने जलवे दिखा दिए है. हरियाणा के बहुत से शहरों में बारिश के कारण स्थिति गंभीर हो गई है. बारिश से फसलों को काफी नुकसान भी हुआ है. मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को हरियाणा के कुछ स्थानों पर 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है. दरहसल, बारिश का प्रकोप अति भयावह पंजाब के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के बनने और बंगाल की खाड़ी से नम मानसूनी हवाओं के आने के कारण है. वहीं दूसरी और सिरसा में भारी बारिश के कहर से किसान उलझन में है.

कहीं बारिश ने मचाई आफत, तो कहीं बारिश का दिखा अभाव

हरियाणा में हल्की बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. स्थिति यह है कि जिन क्षेत्रों में कपास की खेती की जा रही है, वहां अत्यधिक वर्षा के कारण कपास की उत्पादकता और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही है. कपास ही नहीं बल्कि धान की जल्दी बोई गई फसलों को भी नुकसान होने की संभावना है. वहीं, सिरसा जिले में दो लाख आठ हजार हेक्टेयर में कपास और करीब 90 हजार हेक्टेयर में धान की बुआई हो चुकी है.

किसानों को हो रही है परेशानी 

जल्दी बुवाई करने वाले किसानों को काफी परेशानी हो रही है. इस बारिश से फसलों पर ज्यादा नकारात्मक असर तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन फसलों पर असर जरूर पड़ा है. जहां एक तरफ फसलें प्रभावित हुई हैं, वहीं दूसरी ओर सरसों की बुआई के लिए कम बारिश हुई है. बारिश अच्छी होती तो सरसों के किसानों को फायदा होता.

बारिश का कहर है अभी भी बरकरार

सिरसा में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के कारण 12 मिमी बारिश हुई. इसके साथ ही ओटू और पंजुआना में 6-6 मिमी बारिश हुई. शुक्रवार को दिन में हल्की बारिश हुई. जिससे मौसम सुहावना रहा. इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली है. चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम विज्ञानी डॉ मदनलाल खिचड़ ने बताया कि बंगाल की ओर से नमी वाली हवाओं और पंजाब के ऊपर चक्रवाती सर्कुलेशन बनने के कारण 25 सितंबर तक मौसम में बदलाव की संभावना है