कांकेर। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कड़ाई से रोक लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के उठाव के बाद शेष बचे हुए धान का भी उठाव संबंधी समस्या का निराकरण करने एवं राजस्व प्रकरणों को त्वरित निराकृत करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए उनके द्वारा इस आशय के निर्देश दिए गए।
खरीफ सीजन के लिए खाद का भंडारण सुनिश्चित करने, पौधरोपण के लिए अभी से तैयारी करने के लिए भी निर्देश दिए गए। बस्तर संभाग में संचालित बस्तर मुन्ने अभियान, सुशासन तिहार और नियद नेल्लानार 2.0 को गंभीरता से लेते हुए पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए भी कहा गया। शासकीय कार्यालयों को बिना अनुमति के बैंक खाता नहीं खोलने की हिदायत भी दी गई। खनिज न्यास निधि के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों में ‘डीएमएफ मद से निर्माण’ का उल्लेख करने एवं जनगणना कार्य को गंभीरता से लेने के लिए भी निर्देशित किया गया।
बैठक में राजस्व मामलों के निराकरण, नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार इत्यादि के निराकरण की भी समीक्षा की गई। सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलें भेजने, बॉयोमेट्रिक अटेंडेन्स, आईगॉट कर्मयोगी में ऑनबोर्ड करने के निर्देश दिए गए।
बिलासपुर : अवैध मिट्टी उत्खनन और परिवहन पर 24 प्रकरणों में कार्रवाई
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले में ईंट निर्माण हेतु अवैध मिट्टी उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध खनिज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 24 प्रकरण दर्ज किए हैं। इन मामलों में 9 लाख 27 हजार 663 रुपये की समझौता राशि वसूल कर खनिज मद में जमा कराई गई है।
खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध उत्खनन के 8 प्रकरणों में 6 लाख 50 हजार 783 रुपये तथा अवैध परिवहन के 16 प्रकरणों में 2 लाख 76 हजार 880 रुपये की राशि वसूली गई। विभाग द्वारा जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित जांच एवं निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला बिलासपुर में गौण खनिज मिट्टी ईंट के कुल 29 उत्खनिपट्टा स्वीकृत हैं, जिनमें से 4 पट्टे वर्तमान में व्यपगत (लैप्स) हैं। शेष स्वीकृत इकाइयों में पर्यावरणीय स्वीकृति एवं नियमानुसार संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
खनिज विभाग के उप संचालक किशोर गोलघाटे ने बताया कि जिले में मिट्टी ईंट के स्वीकृत उत्खनी पट्टा के अतिरिक्त अन्य ईंट पंजा भट्टा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम तीन अनुसार छत्तीसगढ़ के मूल निवासी आनुवांशिक कुम्हार या उनकी सहकारी समिति द्वारा परंपरागत संसाधनों से बर्तन कवेलू और ईंट बनाने के लिए छूट प्राप्त है। इसके अतिरिक्त किसी के द्वारा ईंट निर्माण के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जिले में मिट्टी ईंट निर्माण एवं उत्खनन गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। जांच के दौरान अवैध संचालन पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाती है। विभागीय अमला लगातार क्षेत्रीय निरीक्षण कर शिकायतों का निराकरण भी कर रहा है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व हानि रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत की जा रही है।

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