मुंबई। लड़कियों के लापता होने के आंकड़े से इन दिनों सरकारों की नींद उड़ी है. सबसे ज्यादा चिंता महाराष्ट्र सरकार की है, जहां रोजाना 70 लड़कियां लापता हो रही है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, पिछले तीन महीने में राज्य के अलग-अलग जिलों से 5 हजार 610 लड़कियां लापता हुई हैं. लापता होने वाली लड़कियों की उम्र 18 से 25 साल के बीच है.
आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि राज्य के अलग-अलग जिलों से लापता होने वाली लड़कियों की संख्या हर महीने बढ़ती जा रही है. इसी साल जनवरी महीने में 1 हजार 600 लडकियां लापता हुईं थीं, तो फरवरी में यह आंकड़ा 1 हजार 810 तक पहुंच गया. मार्च महीने में लापता होने वाली लड़कियों की संख्या 2 हजार 200 तक पहुंच गई.
राज्य महिला आयोग के अनुसार, देश में साल 2020 से लेकर अब तक गायब होने वाले लोगों की सूची में महाराष्ट्र पहले स्थान पर है. पुणे, नाशिक, कोल्हापुर और ठाणे जिलों में लापता होनेवाली लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा पाई गई है. महिला आयोग की अध्यक्षा रुपाली चाकणकर ने इस तरह से मामलों में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच की जरूरत है, जिससे लड़कियां मानव तस्करी की शिकार न हों.

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