September 4, 2026

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ACB का बड़ा एक्शन: 10 हजार की रिश्वत लेते प्राचार्य और लिपिक रंगे हाथ गिरफ्तार, एरियर भुगतान के बदले मांगे थे पैसे

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में रिश्वतखोरी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरारी की प्राचार्य और एक लिपिक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल में पदस्थ बाबू से वेतन वृद्धि के एरियर की राशि का भुगतान कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

ACB को शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन किया गया। शिकायत सही पाए जाने के बाद अधिकारियों ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपियों के पास भेजा गया।

करीब 80 हजार रुपये के एरियर के लिए मांगी रिश्वत

जानकारी के अनुसार, स्कूल में पदस्थ बाबू मनीष राठौर को वेतन वृद्धि के एरियर के रूप में करीब 80 हजार रुपये की राशि मिलनी थी।

आरोप है कि इस राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और एरियर निकलवाने के एवज में प्राचार्य और लिपिक ने मनीष से 10 हजार रुपये की मांग की।

रिश्वत की मांग से परेशान होकर मनीष राठौर ने मामले की शिकायत ACB से की। इसके बाद ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।

ऐसे बिछाया गया रिश्वत का जाल

ACB की योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ आरोपियों के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपियों ने 10 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से निगरानी कर रही ACB टीम ने मौके पर दबिश दे दी।

कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है—

  • अंजुलता सोनी — प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरारी
  • विकास मसीह — लिपिक, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरारी
  • रिश्वत की रकम — 10 हजार रुपये
  • एरियर की राशि — करीब 80 हजार रुपये

13 अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई

इस ACB कार्रवाई में कुल 13 अधिकारियों की विशेष टीम शामिल रही। टीम ने मौके पर ट्रैप कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया।

इसके बाद दोनों से पूछताछ की जा रही है। ACB की टीम रिश्वतखोरी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों का फोकस इस बात पर भी है कि एरियर भुगतान की प्रक्रिया में रिश्वत की मांग किस स्तर पर की गई और इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य क्या हैं।

शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

एक ही सरकारी स्कूल के प्राचार्य और लिपिक के रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल तेज हो गई है।

सरकारी कर्मचारियों द्वारा किसी भुगतान या सरकारी प्रक्रिया के बदले रिश्वत मांगने के आरोपों को ACB गंभीरता से लेता है। इसी कड़ी में शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने योजना बनाकर यह कार्रवाई की।

ACB बिलासपुर की 56वीं ट्रैप कार्रवाई

बताया गया है कि यह ACB बिलासपुर की लगातार 56वीं ट्रैप कार्रवाई है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामलों पर निगरानी बढ़ी है।

ACB अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में रिश्वत लेने या देने से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर सख्ती का संदेश गया है।