September 2, 2026

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महासमुंद के किसानों को बड़ी राहत: 20 नए धान खरीदी केंद्रों को मंजूरी, गांव के पास ही बेच सकेंगे धान

महासमुंद। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान बेचने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य शासन ने महासमुंद जिले में 20 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दे दी है। नए केंद्रों की शुरुआत किसानों की सुविधा और स्थानीय स्तर पर धान खरीदी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जाएगी।

राज्य शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। नए उपार्जन केंद्र खोलने का निर्णय किसानों और जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर तैयार किए गए प्रस्ताव के बाद लिया गया है।

किसानों को गांव के आसपास मिलेगी धान बेचने की सुविधा

नए धान खरीदी केंद्र शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को धान बेचने के लिए दूर स्थित उपार्जन केंद्रों तक जाने की जरूरत कम होगी।

इससे किसानों को कई स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।

गांव और आसपास के क्षेत्र में धान बेचने की सुविधा मिलेगी।
दूरस्थ खरीदी केंद्र तक धान ले जाने की परेशानी कम होगी।
परिवहन में लगने वाला समय बचेगा।
किसानों के परिवहन खर्च में कमी आएगी।
धान विक्रय की प्रक्रिया किसानों के लिए अधिक सुविधाजनक होगी।
इन 20 स्थानों पर खुलेंगे नए केंद्र

राज्य शासन की अनुमति के बाद महासमुंद जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 20 नए धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इनमें शामिल हैं:

डोंगरगांव
झिटकी
बोईरगांव
कलमीदादर
कौसरा
नवागांवकला
बरोली
मुनगाडीह
कोसमपाली
कायतापाली
दुर्गापाली
उमरिया
बगाईजोर
मोहका
संतपाली
गिधली
जम्हर
किसड़ी
तुरेंगा
सिनोधा

इन स्थानों पर नए धान उपार्जन केंद्र खुलने से आसपास के गांवों में रहने वाले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अपेक्षाकृत कम दूरी तय करनी पड़ेगी।

किसानों की मांग पर लिया गया फैसला

नए उपार्जन केंद्रों को मंजूरी देने की प्रक्रिया किसानों और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद आगे बढ़ाई गई। कलेक्टर के माध्यम से राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव पर विचार के बाद शासन ने 20 नए केंद्रों को अनुमति प्रदान की।

यह फैसला खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के साथ आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए भी लागू रहेगा।

परिवहन का खर्च और समय दोनों बचेंगे

धान बेचने के लिए कई किसानों को अपने गांव से काफी दूर स्थित खरीदी केंद्र तक उपज पहुंचानी पड़ती है। ऐसे में वाहन की व्यवस्था, परिवहन खर्च और समय किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ बन जाता है।

नए केंद्र गांवों और आसपास के क्षेत्रों में स्थापित होने से किसानों को इस परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए नजदीकी खरीदी केंद्र महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

धान खरीदी व्यवस्था को मिलेगा विस्तार

महासमुंद धान उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण जिला है। ऐसे में खरीफ सीजन में बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज सरकारी उपार्जन केंद्रों में बेचते हैं। नए केंद्र खुलने से धान खरीदी की व्यवस्था का स्थानीय स्तर पर विस्तार होगा।

सरकार के इस फैसले को किसानों की सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब किसानों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही धान बेचने का विकल्प मिलेगा।

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

20 नए धान उपार्जन केंद्रों की मंजूरी का सीधा फायदा संबंधित क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा। धान विक्रय के लिए दूरी कम होने से समय और परिवहन लागत दोनों में बचत हो सकती है। साथ ही स्थानीय स्तर पर खरीदी व्यवस्था उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में अधिक सुविधा मिलेगी।

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए राज्य शासन द्वारा लिया गया यह निर्णय महासमुंद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में धान खरीदी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।