September 2, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

CG में खाद की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, 7 विक्रेताओं पर 80 हजार का जुर्माना; प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में किसानों को खाद की उपलब्धता और उचित दर पर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। खाद की बिक्री में नियमों की अनदेखी, स्टॉक में गड़बड़ी और उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले 7 खाद विक्रेताओं और फर्मों पर अर्थदंड लगाया गया है।

प्रशासन के अनुसार सभी संबंधित विक्रेताओं से कुल 80 हजार रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया है, जिसे चालान के माध्यम से शासकीय खजाने में जमा कराया जा चुका है।

कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई

नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती जैन के निर्देशन में कृषि विभाग की निरीक्षण टीम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया था।

इस दौरान दुकानों में खाद के स्टॉक, बिक्री प्रक्रिया और निर्धारित नियमों का पालन करने की स्थिति की जांच की गई। जांच में 7 दुकानों और फर्मों में अनियमितताएं सामने आईं।

निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों के स्टॉक में विसंगतियां पाई गईं। इसके अलावा खाद बिक्री से जुड़े नियमों की अनदेखी और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 (FCO) के प्रावधानों का उल्लंघन भी सामने आया।

इन 7 विक्रेताओं पर हुई कार्रवाई

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अर्थदंड जमा करने वाले विक्रेताओं और फर्मों में शामिल हैं:

कोमल प्रसाद जायसवाल — साराडीह
योगेश कुमार अग्रवाल — फगुरम
कमल खाद भंडार — नन्दौरकला
मयंक ट्रेडर्स — सकरेली बा.
सूर्य ट्रेडर्स — जैजैपुर
सक्ती आधुनिक एफ.पी.ओ. — भातमाहुल
अजय बहादुर सिंह राठौर — नन्दौरकला

इन सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अर्थदंड लगाया गया है।

ECA और FCO के तहत हुई कानूनी कार्रवाई

जांच के दौरान मिली अनियमितताओं के बाद संबंधित मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (ECA) की सुसंगत धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। इसके बाद चालान न्यायालय में पेश किए गए।

मामलों पर सुनवाई के बाद कलेक्टर कोर्ट द्वारा अर्थदंड आरोपित किया गया। संबंधित विक्रेताओं ने निर्धारित अर्थदंड जमा कर दिया है।

प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और खाद की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी जांच जारी रहेगी।

खाद की कालाबाजारी करने वालों को चेतावनी

जिला प्रशासन ने खाद विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कालाबाजारी, ओवररेटिंग या नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से:

खाद का स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित करना होगा।
निर्धारित रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से लगानी होगी।
नियमों के अनुसार ही खाद की बिक्री करनी होगी।
किसानों को निर्धारित कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराना होगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर केवल अर्थदंड तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज करने सहित कड़ी वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

खाद, बीज और कीटनाशकों के नमूने भी जांच के लिए भेजे

किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार सैंपलिंग भी की जा रही है।

जिले में अब तक:

143 खाद के नमूने
197 बीज के नमूने
21 कीटनाशक के नमूने

प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।

इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल अनियमितता करने वाले विक्रेताओं पर शिकंजा कसना नहीं है, बल्कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाला खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराना भी है।

किसानों के लिए क्या है संदेश?

कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद किसानों को उम्मीद है कि खाद की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और उन्हें निर्धारित कीमत पर उर्वरक मिल सकेगा। प्रशासन ने भी किसानों से अपील की है कि खाद खरीदते समय निर्धारित दर और दुकान पर प्रदर्शित स्टॉक की जानकारी जरूर देखें।

अगर किसी विक्रेता द्वारा खाद की अधिक कीमत वसूली जाती है या बिक्री में अनियमितता की जाती है, तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग को करने की अपील की गई है।

सक्ती जिले में हुई यह कार्रवाई बताती है कि प्रशासन खाद की कालाबाजारी और अनियमित बिक्री के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। आने वाले दिनों में भी निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।