रायपुर में मिठाई की गुणवत्ता को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। टैगोर नगर स्थित न्यू डेल्ही स्वीट्स के कलाकंद में मरा हुआ मच्छर मिलने की शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने दुकान पहुंचकर जांच की। टीम ने संबंधित मिठाई का नमूना लिया और उसे खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है।
मामला तब सामने आया जब ब्राम्हणपारा आजाद चौक निवासी धीरजधर दीवान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि न्यू डेल्ही स्वीट्स से खरीदे गए कलाकंद को खाने के दौरान उसके अंदर मरा हुआ मच्छर दिखाई दिया। उपभोक्ता के मुताबिक, यह उनके साथ इस तरह की दूसरी घटना है।
कलाकंद में मच्छर मिलने का दावा, दुकान पहुंचा ग्राहक
जानकारी के अनुसार, मिठाई खाने के दौरान मच्छर दिखाई देने के बाद ग्राहक कलाकंद का बॉक्स लेकर दुकान पहुंचा। वहां उसने पूरे मामले का वीडियो भी बनाया। वीडियो में वह दुकान के मैनेजर के सामने मिठाई के अंदर मच्छर दिखाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर करता नजर आया।
ग्राहक का कहना है कि इससे पहले भी उसे इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा था। उस समय दुकान की ओर से पैकिंग के दौरान लाइट बंद होने के कारण मच्छर गिरने की बात कही गई थी। ग्राहक ने उस समय मामला आगे नहीं बढ़ाया, लेकिन दोबारा ऐसी घटना सामने आने के बाद उसने कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम
उपभोक्ता ने पूरे मामले की शिकायत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के टोल-फ्री नंबर पर की। शिकायत मिलने के बाद विभाग की टीम न्यू डेल्ही स्वीट्स पहुंची और मौके पर जांच की।
अधिकारियों ने कलाकंद का नमूना लेकर उसे खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया है। अब प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि नमूने में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कोई गंभीर कमी पाई जाती है या नहीं।
जांच के दौरान अधिकारियों को फर्म के परिसर में भी कई कमियां मिलीं। इन कमियों को दूर करने के लिए प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया है।
कई दुकानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने
यह कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के ‘बने खाबो, बने रहिबो’ अभियान के तहत की जा रही है। विभाग के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में यह अभियान 17 अगस्त से 23 अगस्त तक चलाया जा रहा है।
अभियान के दौरान राजधानी और आसपास के इलाकों में कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अलग-अलग दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए भेजा गया।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- डीमार्ट, कमल विहार से अमूल प्योर घी और वचन काउ घी।
- अमर ज्योति इंटरप्राइजेस (अपना मार्ट), बीरगांव से डाबर हनी और यूनिविक वॉटर।
- बालाजी ट्रेडिंग, होलसेल मार्केट डूमरतराई से देवभोग घी।
- मयंक ट्रेडिंग कंपनी, होलसेल मार्केट डूमरतराई से कीर्ति गोल्ड प्योर काउ घी।
- संतोष मार्केटिंग से श्रीमूल एगमार्क काठ घी, बीकानेरी रसगुल्ला और गुलाब जामुन।
- न्यू डेल्ही स्वीट्स, टैगोर नगर से कलाकंद।
- मां दुर्गा स्वीट्स, भनपुरी से नारियल लड्डू।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
न्यू डेल्ही स्वीट्स के मामले में फिलहाल विभाग ने नमूना जांच के लिए भेजा है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मिठाई में मिला मच्छर किस स्थिति में पहुंचा या इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही नमूने की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला एक बार फिर मिठाई और खाद्य पदार्थों की स्वच्छता को लेकर सवाल खड़े करता है। खासकर त्योहारों और मिठाइयों की बढ़ती मांग के समय उपभोक्ताओं के लिए यह जरूरी है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय साफ-सफाई, पैकेजिंग और प्रतिष्ठान की स्वच्छता पर भी ध्यान दें।

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