जमीन फर्जीवाड़ा
दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़े एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त कृषि भूमि को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और गलत पहचान के जरिए बेचने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, मामला ग्राम कुम्हली स्थित संयुक्त कृषि भूमि के फर्जी तरीके से विक्रय से जुड़ा है। आरोप है कि भूमि के वास्तविक हिस्सेदार की पहचान का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर एक अन्य व्यक्ति को असली मालिक के रूप में प्रस्तुत किया गया और इसके बाद जमीन का विक्रय कराया गया।
इस मामले में पाटन थाना में अपराध क्रमांक 42/2023 दर्ज किया गया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की थी।
भाई की जगह दूसरे व्यक्ति को किया गया पेश
पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, आरोपी ईश्वर दास ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने सगे भाई संजय कुमार के स्थान पर कथित रूप से किसी अन्य व्यक्ति को संजय कुमार के रूप में पेश किया।
इसके बाद ग्राम कुम्हली की संयुक्त कृषि भूमि का विक्रय कराया गया। पुलिस के मुताबिक, इस कथित फर्जीवाड़े में अलग-अलग आरोपियों की अलग भूमिका सामने आई।
- ईश्वर दास पर फर्जी पहचान की प्रक्रिया में शामिल होने का आरोप है।
- दिलीप बंजारे को कथित तौर पर जमीन का क्रेता बनाया गया था।
- कन्हैया बंजारे को विक्रय पत्र में गवाह बनाया गया था।
पहले एक आरोपी हो चुका है गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पहले आरोपी ईश्वर दास को 7 जून 2026 को गिरफ्तार किया था। उसे न्यायालय में पेश किया गया था।
वहीं, घटना के बाद से आरोपी दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रख रही थी।
19 अगस्त को पुलिस ने दोनों को पकड़ा
फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस को दोनों के संभावित ठिकाने पर मौजूद होने की जानकारी मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पाटन पुलिस की टीम ने घेराबंदी की और 19 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
जमीन फर्जीवाड़े पर पुलिस की सख्ती
जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में दस्तावेज और पहचान की सत्यता बेहद महत्वपूर्ण होती है। पाटन में सामने आया यह मामला कथित तौर पर फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए कृषि भूमि के विक्रय से संबंधित है।
पुलिस की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि लंबे समय से फरार आरोपियों की तलाश में टीम लगातार सक्रिय थी। सूचना मिलने के बाद रणनीति बनाकर दोनों आरोपियों को एक साथ गिरफ्तार किया गया।
मामले की प्रमुख बातें
- स्थान: ग्राम कुम्हली, थाना पाटन, जिला दुर्ग
- मामला: संयुक्त कृषि भूमि के कथित फर्जी विक्रय का
- अपराध क्रमांक: 42/2023
- गिरफ्तार आरोपी: दिलीप बंजारे और कन्हैया बंजारे
- गिरफ्तारी की तारीख: 19 अगस्त 2026
- पहले गिरफ्तार आरोपी: ईश्वर दास
- कार्रवाई: घेराबंदी कर गिरफ्तारी
- वर्तमान स्थिति: दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों के आधार पर मामले की विवेचना जारी है। जमीन से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल अन्य तथ्यों और आरोपियों की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।

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