August 14, 2026

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Census 2027: जनगणना में पूछे जाएंगे 40 सवाल, जाति-धर्म से लेकर बैंक खाते और कोविड वैक्सीन तक की जानकारी; देखें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली। देश में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने सवालों की सूची जारी कर दी है। जनगणना के दौरान लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इस बार प्रश्नावली में जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार और परिवार से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ बैंक खातों, मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट और कोविड-19 वैक्सीनेशन जैसी जानकारियां भी शामिल की गई हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी प्रश्नावली के मुताबिक, गणना अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में घर-घर जाकर हाउसहोल्ड शेड्यूल के जरिए जानकारी जुटाएंगे।

जाति और धर्म से जुड़े सवाल भी शामिल

जनगणना में लोगों से पूछा जाएगा कि वे अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित हैं या नहीं। अगर व्यक्ति SC/ST से संबंधित है तो उसकी जाति की जानकारी भी ली जाएगी।

इसके अलावा धर्म और राष्ट्रीयता से जुड़े सवाल भी प्रश्नावली का हिस्सा हैं।

व्यक्ति से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारी ली जाएगी?

जनगणना के दौरान व्यक्ति और परिवार से संबंधित कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • व्यक्ति का नाम
  • परिवार के मुखिया से संबंध
  • लिंग
  • जन्मतिथि और उम्र
  • वैवाहिक स्थिति
  • विवाह के समय उम्र
  • जीवनसाथी का नाम
  • राष्ट्रीयता
  • धर्म
  • पिता और माता की जानकारी
  • SC/ST से संबंधित स्थिति और जाति
  • दिव्यांगता से जुड़ी जानकारी
  • मातृभाषा
  • अन्य ज्ञात भाषाएं
  • साक्षरता और डिजिटल साक्षरता
  • शिक्षण संस्थान में वर्तमान स्थिति
  • उच्चतम शैक्षणिक योग्यता
  • शिक्षा की स्ट्रीम या विषय
  • पिछले एक साल में काम करने की स्थिति

रोजगार और काम से जुड़े सवाल

जनगणना में रोजगार से जुड़ी स्थिति का भी आकलन किया जाएगा। इसमें काम करने वाले लोगों के साथ-साथ सीमांत, अर्ध-सीमांत और गैर-कामकाजी लोगों से संबंधित जानकारी शामिल होगी।

लोगों से उनके काम की प्रकृति और काम की जगह तक पहुंचने के साधन के बारे में भी पूछा जाएगा।

इससे देश में रोजगार, कामगारों और आवागमन के पैटर्न से संबंधित आंकड़े तैयार करने में मदद मिल सकती है।

माइग्रेशन से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे

जनगणना में लोगों के स्थान परिवर्तन यानी माइग्रेशन की जानकारी भी जुटाई जाएगी।

इसके तहत पूछा जाएगा:

  • जन्मस्थान क्या है?
  • पिछली बार कहां रहते थे?
  • वर्तमान स्थान पर आने का कारण क्या था?
  • दूसरी जगह से आने के बाद गांव या कस्बे में कितने समय से रह रहे हैं?
  • स्थायी घर का पता क्या है?

इन जानकारियों से देश में लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के रुझान को समझने में मदद मिलेगी।

बच्चों की संख्या की भी ली जाएगी जानकारी

प्रश्नावली में जीवित बच्चों की संख्या से संबंधित सवाल भी शामिल है। यह सवाल केवल वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से संबंधित होगा।

इससे देश में परिवार और जनसंख्या से जुड़े विभिन्न सामाजिक-जनसांख्यिकीय आंकड़े जुटाए जाएंगे।

बैंक खाते से लेकर मोबाइल नंबर तक

जनगणना 2027 की प्रश्नावली में कुछ ऐसी जानकारियां भी शामिल हैं, जिनको लेकर लोगों की खास दिलचस्पी हो सकती है।

इनमें शामिल हैं:

  • परिवार के बैंक खातों की कुल संख्या
  • मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो
  • आधार नंबर, यदि उपलब्ध हो
  • वोटर आईडी नंबर, यदि उपलब्ध हो
  • भारतीय पासपोर्ट नंबर, यदि उपलब्ध हो
  • ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता

इसके अलावा कोविड-19 वैक्सीनेशन से संबंधित जानकारी भी प्रश्नावली में शामिल की गई है। इसमें कोविड वैक्सीन लगवाने की जगह से जुड़ा सवाल पूछा जाएगा।

बर्फीले क्षेत्रों में पहले शुरू होगी जनगणना

जनगणना का कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग रखा गया है। लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले एवं दुर्गम इलाकों में जनसंख्या गणना 1 सितंबर से 30 सितंबर तक किए जाने की योजना है।

इन क्षेत्रों के लोगों को इससे पहले 17 से 31 अगस्त के बीच ऑनलाइन स्वयं जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जाएगी।

वहीं देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी।

दो चरणों में होगी जनगणना

जनगणना की पूरी प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में मकानों और आवास से संबंधित जानकारी जुटाने का काम किया गया है।

इसके बाद दूसरे चरण में लोगों की जनसंख्या और व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है जनगणना 2027?

जनगणना से देश की आबादी, सामाजिक संरचना, शिक्षा, रोजगार, भाषा, धर्म, प्रवास और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से जुड़े आधिकारिक आंकड़े तैयार होते हैं। इन आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य की सरकारी नीतियों और विकास योजनाओं को तैयार करने में किया जाता है।

जनगणना 2027 की 40 सवालों वाली प्रश्नावली में इस बार पारंपरिक जनसांख्यिकीय जानकारी के साथ डिजिटल पहचान, बैंकिंग, शिक्षा, रोजगार और कोविड वैक्सीनेशन जैसे कई नए पहलुओं से जुड़ी जानकारी भी शामिल की गई है।