August 12, 2026

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जतमई-घटारानी और राजिमधाम में महिला चोर गैंग का आतंक, कार से रेकी कर 7 महिलाएं गिरफ्तार

महिला चोर गैंग

गरियाबंद/महासमुंद। सावन के दौरान जतमई, घटारानी और राजिमधाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली कथित महिला चोर गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में सात महिलाओं को पकड़ा है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कार से धार्मिक स्थलों तक पहुंचती थीं और भीड़ के बीच मौका देखकर गहने और पर्स पार कर देती थीं।

पुलिस की कार्रवाई के बाद धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिली है। हालांकि, पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह किसी बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। मामले में आगे की पूछताछ और जांच जारी है।

जतमई धाम में महिला के गले से उड़ाई सोने की चेन

मामला 9 अगस्त का बताया जा रहा है। आरंग निवासी नीलम चक्रधर जतमई धाम दर्शन के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर उनके गले से करीब दो तोले की सोने की चेन चोरी कर ली गई।

चोरी हुई चेन की कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है। घटना का पता चलने के बाद महिला ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान एक संदिग्ध कार और उसमें सवार महिलाओं की गतिविधियां पुलिस के संदेह के घेरे में आईं।

CCTV और कार नंबर से मिला सुराग

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध कार का नंबर हासिल किया। इसके बाद कार की तलाश शुरू की गई।

कार के महासमुंद की ओर जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने रास्ते में नाकेबंदी की। इसी दौरान MP 49 SB 2471 नंबर की कार को रोककर तलाशी ली गई।

पुलिस के मुताबिक, कार की तलाशी के दौरान चोरी का सामान बरामद हुआ। इसके बाद कार में सवार सात महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

नागपुर और आसपास की रहने वाली हैं सातों महिलाएं

पुलिस की पूछताछ में सातों महिलाओं के महाराष्ट्र के नागपुर और आसपास के इलाकों का रहने वाला होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार पकड़ी गई महिलाओं के नाम हैं:

रोनक पातनकर, उम्र 30 वर्ष
सीमा पात्रे, उम्र 40 वर्ष
विद्या उफाड़े, उम्र 30 वर्ष
मुस्कान पात्रे, उम्र 26 वर्ष
मीना खवड़े, उम्र 35 वर्ष
नंदिनी पात्रे, उम्र 30 वर्ष
छाया उफाड़े, उम्र 50 वर्ष

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन महिलाओं ने इससे पहले किन-किन धार्मिक स्थलों पर वारदातों को अंजाम दिया है।

कार से करती थीं मंदिरों की रेकी

पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिलाएं कार से धार्मिक स्थलों पर पहुंचती थीं। पहले भीड़ और श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखकर रेकी की जाती थी। इसके बाद ऐसी महिलाओं को निशाना बनाया जाता था, जिनके पास सोने के आभूषण या पर्स होते थे।

भीड़ के बीच मौका मिलते ही कथित तौर पर गले से चेन, कानों से आभूषण या पर्स चोरी कर लिया जाता था। वारदात के बाद आरोपी कार से दूसरे स्थान की ओर निकल जाती थीं।

पुलिस को बड़े नेटवर्क का शक
आरोपी अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर पहुंचती थीं।
कार से पहले रेकी करने की बात सामने आई है।
भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की जाती थी।
महिलाओं के गहने और पर्स को निशाना बनाया जाता था।
पुलिस को किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से कनेक्शन की आशंका है।
पुराने मामलों और अन्य घटनाओं से कनेक्शन की जांच की जा रही है।
श्रद्धालुओं में बढ़ी चिंता, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

घटना सामने आने के बाद जतमई धाम सहित आसपास के धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है। खासकर महिलाओं में गहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता देखने को मिल रही है।

बताया जा रहा है कि कुछ महिलाएं अब सोने के आभूषणों की जगह आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनकर मंदिर पहुंच रही हैं।

पुलिस ने भी धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है। भीड़ वाले स्थानों पर सादी वर्दी में पुलिस जवानों की तैनाती और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि श्रद्धालुओं को भीड़ में अपने मोबाइल, पर्स और आभूषणों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। फिलहाल सातों महिलाओं से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।