August 7, 2026

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छत्तीसगढ़ के 75 हजार शिक्षकों पर नौकरी का संकट! 31 अगस्त 2028 तक TET पास नहीं किया तो जा सकती है नौकरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 75 हजार शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण समय-सीमा तय हो गई है। छत्तीसगढ़ TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अब 31 अगस्त 2028 तक परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। यदि निर्धारित अवधि तक टीईटी पास नहीं किया गया, तो उनकी पदोन्नति प्रभावित होने के साथ-साथ नौकरी पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के सामने भी बड़ी चुनौती है कि समय-सीमा के भीतर सभी पात्र शिक्षकों को परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराया जाए।

75 हजार शिक्षक अब तक नहीं कर पाए TET पास

राज्य के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में कार्यरत लगभग 75 हजार शिक्षक अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। पहले टीईटी पास करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 निर्धारित थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को एक अंतिम अवसर देते हुए इसे बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है।

हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह समय-सीमा अंतिम है और इसके बाद पात्रता पूरी नहीं करने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत संवैधानिक दायित्व है। केवल शैक्षणिक डिग्री होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षक के पास आवश्यक शिक्षण कौशल और न्यूनतम पात्रता होना भी जरूरी है।

अदालत के अनुसार:

  • शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) न्यूनतम योग्यता का महत्वपूर्ण मानक है।
  • सभी शिक्षकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना होगा।
  • समय-सीमा समाप्त होने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई संभव है।

विशेष विभागीय परीक्षा की मांग खारिज

टीईटी पास नहीं कर पाए शिक्षकों की ओर से विशेष विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

  • सभी शिक्षकों को सामान्य TET परीक्षा ही पास करनी होगी।
  • अलग से कोई विशेष या विभागीय टीईटी आयोजित नहीं की जाएगी।
  • सभी पर समान नियम लागू होंगे।

SCERT पर बढ़ा परीक्षा कराने का दबाव

समय-सीमा को देखते हुए अब राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) पर टीईटी नियमित रूप से आयोजित करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।

संभावना है कि:

  • वर्ष में कम से कम दो बार टीईटी आयोजित करनी होगी।
  • अधिक से अधिक शिक्षकों को परीक्षा का अवसर दिया जाएगा।
  • समय पर परिणाम जारी करने की व्यवस्था भी करनी होगी।

शिक्षकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है TET?

टीईटी केवल एक औपचारिक परीक्षा नहीं है, बल्कि यह शिक्षक की पेशेवर योग्यता का मानक मानी जाती है।

TET का उद्देश्य:

  • शिक्षण गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
  • बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना।
  • शिक्षकों की न्यूनतम पात्रता का मूल्यांकन करना।
  • राष्ट्रीय शिक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना।

क्या हो सकता है आगे?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो वर्षों में बड़ी संख्या में शिक्षक टीईटी परीक्षा में शामिल होंगे। ऐसे में परीक्षा आयोजन, मूल्यांकन और परिणाम प्रक्रिया को समयबद्ध रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी।

वहीं, शिक्षकों के लिए भी यह अंतिम अवसर माना जा रहा है। यदि वे 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाते हैं, तो उनकी सेवा और पदोन्नति पर नियमों के अनुसार प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए संबंधित शिक्षकों के लिए समय रहते परीक्षा की तैयारी करना बेहद महत्वपूर्ण होगा।