खाद्य सुरक्षा विभाग का महासमुंद में औचक निरीक्षण, होटल-ढाबों पर कसा शिकंजा; पनीर सैंपल सहित स्वच्छता की हुई जांच
महासमुंद। बारिश के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में कार्रवाई तेज कर दी है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने महासमुंद जिले के पिथौरा और बागबाहरा विकासखंड में स्थित कई होटल, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं कलेक्टर महासमुंद के निर्देश पर की गई। अधिकारियों का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है।
पिथौरा और बागबाहरा में हुई जांच
अभिहित अधिकारी महासमुंद के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई व्यवस्था, खाद्य लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।
निरीक्षण किए गए प्रमुख प्रतिष्ठान:
- मेसर्स कोस्तुभ रेस्टोरेंट
- मेसर्स विश्वा फैमिली ढाबा
- मेसर्स छत्तीसगढ़ फैमिली ढाबा
- मेसर्स तिवारी स्वीट्स
- मेसर्स प्रतीक रेस्टोरेंट
- मेसर्स पराग स्वीट्स
- मेसर्स Gen-2 रेस्टोरेंट
- मेसर्स यश फैमिली ढाबा
यश फैमिली ढाबा में मिली स्वच्छता की कमी
जांच के दौरान मेसर्स यश फैमिली ढाबा में साफ-सफाई व्यवस्था में कमी पाई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुधार के लिए इंप्रूवमेंट नोटिस जारी करने की अनुशंसा की है।
इसके अलावा टीम ने पनीर का एक प्रवर्तन नमूना भी लिया, जिसे गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एनालॉग पनीर के इस्तेमाल पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने विशेष रूप से एनालॉग पनीर के प्रतिबंध को लेकर जागरूक किया।
संचालकों को निर्देश दिए गए कि:
- पनीर की खरीदी केवल अधिकृत स्रोतों से करें।
- पनीर खरीद और उपयोग से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता न करें।
- बारिश के मौसम में विशेष साफ-सफाई बनाए रखें।
खाद्य सुरक्षा को लेकर चलाया गया जागरूकता अभियान
निरीक्षण के साथ-साथ विभाग ने जागरूकता अभियान भी चलाया। ईसी एक्टिविटी के तहत होटल और ढाबा संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित पंपलेट और पोस्टर वितरित किए गए।
अधिकारियों ने खाद्य व्यवसायियों को सुरक्षित खाद्य व्यवहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण में तैयार किया गया भोजन ही ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के मौसम में खराब खाद्य सामग्री, मिलावटी उत्पाद और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार भोजन से लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में विभाग की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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