August 7, 2026

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छत्तीसगढ़ में हाईवे सफर हुआ महंगा! 10 टोल प्लाजा पर बढ़ी नई दरें लागू, जेब पर बढ़ेगा बोझ, सामान भी हो सकते हैं महंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए अब यात्रा पहले से अधिक महंगी हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राज्य के 10 प्रमुख टोल प्लाजा पर टोल टैक्स की नई दरें लागू कर दी हैं। संशोधित शुल्क 1 अगस्त से प्रभावी हो चुका है। नई दरों के बाद कार, जीप, बस, ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों को पहले की तुलना में अधिक टोल शुल्क देना पड़ रहा है।

टोल दरों में हुई इस बढ़ोतरी का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि माल ढुलाई की लागत बढ़ने से रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

इन 10 टोल प्लाजा पर लागू हुई नई दरें

NHAI की संशोधित अधिसूचना के अनुसार प्रदेश के निम्नलिखित टोल प्लाजा पर नई दरें लागू की गई हैं—

  • मुड़ियापारा
  • बैजी
  • लिम्हा
  • मदनपुर
  • चोटिया
  • पचिरा
  • महाराजपुर
  • लोदाम
  • पाराघाट
  • केसला

इन टोल प्लाजा पर अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए 5 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।

मुड़ियापारा टोल प्लाजा पर कितना बढ़ा शुल्क?

मुड़ियापारा टोल प्लाजा पर सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले वाहनों के लिए नई दरें इस प्रकार हैं—

  • कार, जीप और वैन का टोल 45 रुपये से बढ़कर 50 रुपये
  • भारी वाहनों का शुल्क 160 रुपये से बढ़कर 165 रुपये

बैजी टोल प्लाजा की नई दरें

बैजी टोल प्लाजा पर कार चालकों को राहत मिली है क्योंकि कार का शुल्क पहले जैसा 65 रुपये ही रखा गया है।

हालांकि अन्य वाहनों के लिए शुल्क बढ़ा है—

  • हल्के व्यावसायिक वाहन: 100 रुपये से बढ़कर 105 रुपये
  • बस और ट्रक: 215 रुपये से बढ़कर 220 रुपये

किन वाहनों पर पड़ेगा असर?

नई टोल दरों का असर लगभग सभी श्रेणी के वाहनों पर पड़ेगा।

प्रमुख प्रभावित वाहन:

  • कार
  • जीप
  • वैन
  • हल्के व्यावसायिक वाहन
  • मिनी बस
  • बस
  • ट्रक
  • मल्टी-एक्सल ट्रक

जो लोग नियमित रूप से हाईवे का उपयोग करते हैं, उनके मासिक यात्रा खर्च में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

माल ढुलाई महंगी होने की संभावना

विशेषज्ञों का मानना है कि टोल टैक्स में वृद्धि का सीधा असर परिवहन उद्योग पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट कंपनियों की लागत बढ़ने पर इसका असर बाजार तक पहुंचने वाले सामान की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।

संभावित प्रभाव—

  • माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है।
  • परिवहन कंपनियों का संचालन खर्च बढ़ेगा।
  • उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर दबाव आ सकता है।
  • लंबी दूरी की यात्रा पहले से महंगी होगी।

यात्रियों को क्या करना चाहिए?

यदि आप छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लंबी दूरी की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अब पहले से अधिक टोल शुल्क के लिए तैयार रहें। खासकर नियमित यात्रा करने वाले लोगों और व्यावसायिक वाहन संचालकों को अपने यात्रा बजट में इस अतिरिक्त खर्च को शामिल करना होगा।

एक नजर में बड़ी बातें

  • 1 अगस्त से छत्तीसगढ़ के 10 टोल प्लाजा पर नई टोल दरें लागू।
  • अधिकांश श्रेणियों में 5 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी।
  • मुड़ियापारा टोल पर कार शुल्क 45 से बढ़कर 50 रुपये।
  • बैजी टोल पर हल्के व्यावसायिक वाहन और बस-ट्रक का शुल्क बढ़ा।
  • माल ढुलाई महंगी होने से कई वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना।
  • हाईवे पर नियमित सफर करने वालों की जेब पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ।

नई टोल दरों के लागू होने के बाद अब हाईवे पर यात्रा करने वालों को पहले की तुलना में अधिक खर्च करना होगा। वहीं, परिवहन क्षेत्र पर बढ़ने वाली लागत का असर आने वाले समय में बाजार और आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।