Fire NOC
बिना Fire NOC चल रहा अस्पताल? दिल्ली फायर सर्विस के जवाब से मचा हड़कंप, जांच और कार्रवाई की मांग तेज
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर एक्सटेंशन स्थित वरदायनी मल्टीस्पेशियलिटी चैरिटेबल हॉस्पिटल को लेकर एक अहम मामला सामने आया है। राष्ट्रीय प्रसार फाउंडेशन की शिकायत के बाद दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने अपने आधिकारिक जवाब में कहा है कि विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अस्पताल को Fire NOC (फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट) जारी नहीं किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया कि अस्पताल के संबंध में लाइसेंसिंग प्राधिकरण से विभाग को कोई संदर्भ प्राप्त नहीं हुआ।
इस खुलासे के बाद अस्पताल की वैधानिक प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, शिकायतकर्ता संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
राष्ट्रीय प्रसार फाउंडेशन के चेयरमैन पवन यादव ने अस्पताल के निर्माण और संचालन को लेकर विभिन्न सरकारी विभागों में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में आरोप लगाए गए कि—
अस्पताल सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण कर संचालित किया जा रहा है।
आवश्यक नियमों और स्वीकृतियों का पालन नहीं किया गया।
संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।
इन आरोपों की जांच की मांग भी संगठन ने की थी।
दिल्ली फायर सर्विस ने क्या कहा?
दिल्ली फायर सर्विस की ओर से मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. एस. के. तोमर द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि—
विभाग केवल निर्धारित नियमों के तहत आने वाले भवनों को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (FSC) जारी करता है।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित अस्पताल को कोई Fire NOC/FSC जारी नहीं किया गया है।
अस्पताल के संबंध में लाइसेंसिंग अथॉरिटी से कोई संदर्भ विभाग को प्राप्त नहीं हुआ।
मामले को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित सक्षम प्राधिकारी को भेज दिया गया है।
सरकारी विभागों की भूमिका पर भी सवाल
राष्ट्रीय प्रसार फाउंडेशन का आरोप है कि अस्पताल के निर्माण और संचालन से जुड़े मामलों में संबंधित विभागों ने समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
संगठन की मांग है कि—
पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
निर्माण और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच हो।
यदि अनियमितता मिले तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा
विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पताल जैसे सार्वजनिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
यदि किसी अस्पताल के पास आवश्यक अग्नि सुरक्षा स्वीकृतियां नहीं हैं, तो आपातकालीन स्थिति में मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इस मामले में संबंधित अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
अब आगे क्या?
दिल्ली फायर सर्विस का पत्र सार्वजनिक होने के बाद अब संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर सबकी नजर है।
यदि जांच में शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित नियमों के तहत अस्पताल प्रबंधन और अन्य जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
प्रमुख बातें
आदर्श नगर एक्सटेंशन स्थित अस्पताल को लेकर विवाद।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार रिकॉर्ड में Fire NOC/FSC जारी नहीं किया गया।
लाइसेंसिंग अथॉरिटी से कोई संदर्भ मिलने की भी जानकारी नहीं।
राष्ट्रीय प्रसार फाउंडेशन ने जांच और कार्रवाई की मांग की।
सरकारी विभागों की भूमिका पर भी सवाल।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया।
नोट: यह समाचार राष्ट्रीय प्रसार फाउंडेशन की शिकायत और दिल्ली फायर सर्विस के आधिकारिक पत्र में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। शिकायतों और आरोपों की पुष्टि संबंधित सक्षम प्राधिकरण की जांच के बाद ही होगी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से यदि कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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