August 11, 2026

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पिता के आधार कार्ड में बेटे ने कर दिया बड़ा फर्जीवाड़ा, कोर्ट को दिया चकमा, आरोपियों की कराई जमानत, अब पहुंचा सलाखों के पीछे

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से आधार कार्ड फर्जीवाड़ा का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बेटे ने अपने ही पिता के आधार कार्ड में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर फर्जी पहचान तैयार की और उसी दस्तावेज के आधार पर न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, आरोप है कि उसने इसी फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए अन्य मामलों के आरोपियों की जमानत भी कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि पूरे मामले की जांच अभी जारी है।

पिता के आधार कार्ड में बदला नाम, फिर कोर्ट में हुआ पेश

पुलिस के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र की कार्रवाई में जयनगर थाना अंतर्गत अजबनगर गांव के रंगपारा निवासी 34 वर्षीय देव प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने पिता के आधार कार्ड में कथित रूप से छेड़छाड़ कर उसमें अपना नाम दर्ज कराया। इसके बाद वह इसी दस्तावेज के सहारे न्यायालय में पेश हुआ और पिता की जगह खुद हस्ताक्षर कर विभिन्न मामलों में आरोपियों की जमानत कराने का प्रयास किया।

यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की, जिसमें कथित फर्जीवाड़े के संकेत मिले।

जांच से बचता रहा आरोपी, आखिरकार हुआ गिरफ्तार

पुलिस का कहना है कि आरोपी को पूछताछ और जांच के लिए कई बार बुलाया गया, लेकिन वह लगातार जांच से बचता रहा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

अंबिकापुर में भी चल रही है जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अंबिकापुर में भी इसी तरह के एक मामले की जांच चल रही है। वहां भी कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई है।

दोनों मामलों के बीच किसी प्रकार का संबंध है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस किन पहलुओं की कर रही है जांच?

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि—

आधार कार्ड में कथित छेड़छाड़ कैसे की गई?
फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसने सहयोग किया?
क्या इस पूरे मामले में कोई और व्यक्ति भी शामिल है?
फर्जी पहचान का इस्तेमाल किन-किन मामलों में किया गया?
क्या अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी बदलाव किया गया?

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ऋण पुस्तिका से जुड़ा हो सकता है मामला

प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि संबंधित ऋण पुस्तिका पिता के नाम पर थी। इसी कारण आरोपी ने कथित तौर पर आधार कार्ड में बदलाव कर अपनी पहचान स्थापित करने की कोशिश की। हालांकि इस संबंध में पुलिस सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है।

दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा गंभीर अपराध

विशेषज्ञों के अनुसार, आधार कार्ड जैसे सरकारी पहचान पत्र में छेड़छाड़ करना गंभीर कानूनी अपराध है। ऐसे मामलों में भारतीय कानून के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल सूरजपुर पुलिस पूरे नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।