July 28, 2026

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लोकसभा में गूंजा ‘ज़हरीला SPL’ मामला! सरकार का बड़ा ऐलान, कोयले में मिलावट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

लोकसभा में उठा Spent Pot Lining (SPL) का गंभीर मुद्दा

रायपुर/नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन रायपुर से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एल्युमिनियम उद्योगों से निकलने वाले अत्यंत खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट Spent Pot Lining (SPL) के अवैध उपयोग का मामला लोकसभा में जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि कुछ मामलों में इस विषैले अपशिष्ट को वाणिज्यिक कोयले में मिलाकर बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

सरकार ने भी इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए स्पष्ट किया कि SPL को कोयले में मिलाना पूरी तरह गैर-कानूनी है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने संसद में क्या कहा?

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तवर्धन सिंह ने सांसद द्वारा पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि—

  • Spent Pot Lining (SPL) एक अति-खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट है।
  • इसे Hazardous and Other Wastes (Management and Transboundary Movement) Rules, 2016 के तहत सूचीबद्ध किया गया है।
  • SPL को कोयले में मिलाकर बेचना या उपयोग करना कानून का उल्लंघन है।
  • इसका निपटान केवल अधिकृत रीसाइक्लर या TSDF (Treatment, Storage and Disposal Facility) के माध्यम से ही किया जा सकता है।

SPCB को दिए गए सख्त निर्देश

सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि कोई उद्योग या विक्रेता नियमों का उल्लंघन करता है तो संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) को कार्रवाई करने के व्यापक अधिकार हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • दोषी उद्योग को तत्काल बंद करना।
  • भारी पर्यावरणीय जुर्माना लगाना।
  • आपराधिक मामला दर्ज करना।
  • आवश्यक होने पर संयंत्र को सील करना।

सरकार ने यह भी संकेत दिया कि नियमों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ नया EPR नियम

सरकार ने संसद में बताया कि 1 जुलाई 2025 को अधिसूचित संशोधनों के तहत 1 अप्रैल 2026 से एल्युमिनियम उत्पादकों पर Extended Producer Responsibility (EPR) लागू कर दिया गया है।

इसके तहत—

  • सभी एल्युमिनियम उत्पादकों को CPCB के डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
  • SPL सहित खतरनाक अपशिष्ट के सुरक्षित रीसाइक्लिंग की जिम्मेदारी सीधे उत्पादक कंपनी की होगी।
  • तीसरे पक्ष (Vendor) की गलती होने पर भी मूल उत्पादक कंपनी जवाबदेह मानी जाएगी।

बृजमोहन अग्रवाल ने क्या कहा?

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का एक प्रमुख औद्योगिक राज्य है, जहां कई बड़े एल्युमिनियम संयंत्र संचालित हैं। औद्योगिक विकास जरूरी है, लेकिन नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि विषैले Spent Pot Lining (SPL) को कोयले में मिलाना हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित करने के साथ-साथ लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है।

SPCB से की यह बड़ी मांग

बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की कि—

  • एल्युमिनियम संयंत्रों की नियमित जांच की जाए।
  • थर्ड पार्टी विक्रेताओं की भी निगरानी हो।
  • सीमेंट उद्योगों में SPL के उपयोग की जांच की जाए।
  • नियम तोड़ने वालों पर केवल नोटिस नहीं, बल्कि कठोर कानूनी कार्रवाई हो।

उन्होंने कहा कि यदि कोई इकाई दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ संयंत्र सील करने और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी होनी चाहिए।

SPL क्यों माना जाता है खतरनाक?

Spent Pot Lining एल्युमिनियम उत्पादन प्रक्रिया के दौरान निकलने वाला ऐसा औद्योगिक अपशिष्ट है जिसमें कई विषैले तत्व मौजूद हो सकते हैं। यदि इसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान न किया जाए तो यह—

  • मिट्टी को प्रदूषित कर सकता है।
  • भूजल और जल स्रोतों को प्रभावित कर सकता है।
  • वायु प्रदूषण बढ़ा सकता है।
  • मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

इसी वजह से इसके संग्रहण, परिवहन और निपटान के लिए सख्त कानूनी नियम बनाए गए हैं।